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हैलाकांदी, २७ अगस्त (हि.स.)। असम के बराकघाटी के दो प्रतिबंधित संगठन मुख्य धारा में लौटने के लिए तैयार हैं। इस कड़ी में हैलाकांदी जिले में रियांग आतंकी संगठन के साथ पुलिस के शीर्ष अधिकारी के साथ एक बैठक बुलाई, जिसमें दोनों संगठनों के साथ विस्तार चर्चा हुई।

संगठनों की बातों पर आवश्यक कदम उठाने पर सहमति बनी। शनिवार की देर शाम को हैलाकांदी पुलिस अधिकारी व प्रतिबंधित संगठनों के शीर्ष नेताओं के साथ एक बैठक में हैलाकांदी सर्किट हाउस में आईजीपी अनुराग तनखा के साथ ही अन्य शीर्ष अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में सहमति बनी की अगले दो माह के अंदर दोनों संगठन हथियार छोडक़र देश की मुख्य धारा में लौट आएंगे।

लंबे समय से बराकघाटी में रियांग जनजाति के दो संगठन असम के बराकघाटी के असम-मिजोरम सीमावर्ती इलाके में हिंसक आंदोलन को अंजाम देते रहे। दोनों संगगठनों में मुख्य रूप से ब्रू रिवोल्यूशनरी आर्मी ऑफ यूनियन (बीआरएयू) और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक लिबरेशन फ्रंट-बराक वैली (यूडीएलएफ) शामिल हैं। दोनों संगठनों को काफी कोशिशों के बाद मुख्य धारा में लौटाने में प्रशासन सफल हुआ है। वर्तमान समय में बराक घाटी में शांति प्रक्रिया की उम्मीद जगी है। लंबे समय से जारी बातचीत के बाद अंततः दोनों संगठनों के लगभग ३०० कैडर हथियार छोड़ने के लिए तैयार हुए हैं। इस मौके पर आईजीपी अनुराग तनखा ने बताया कि अतिशीघ्र असम-मिजोरम के सीमावर्ती इलाके वासियों को अच्छी खबर मिलेगी। दोनों संगठनों के कैडरों के प्रगति के लिए सरकार ने कई कदम उठाने का निर्णय लिया गया है। जिसके बाद दोनों संगठन बिना शर्त आत्मसमर्पण करने को तैयार हुए हैं।