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प्रे.सं.हैलाकांदी, 25 दिसंबर ः आज आयनाखाल चाय बागान के हिन्दी पाठशाला में राष्ट्रभाषा व चाय जनगोष्ठी उन्नयन मंच की एक बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से 70 प्रतिनिधि उपस्थित थे।

बैठक में प्रतिनिधियों ने निर्णय लिया कि आगामी 10 जनवरी को हाइलाकांदी में विराट धरना-प्रदर्शन के माध्यम से असम सरकार को एक ज्ञापन दिया जाएगा। अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने की शपथ लेते हुए प्रतिनिधियों ने हाइलाकांदी जिले का 25 सदस्यीय संयोजक मण्डल, 11 सदस्यीय मार्गदर्शक मण्डल का गठन किया। पांच सदस्यीय कोर कमेटी बनाई गयी, जो मंच के हाइलाकांदी जिले का कार्यभार देखेगी। कोर कमेटी में राजकुमार भर, चौधरीचरण गोड़, जयप्रकाश पाण्डेय, कनवर सिंह व विनोद कोल शामिल हैं। विभिन्न वक्ताओं ने आजादी के बाद से चले आ रहे उपेक्षा और शोषण,  उत्पीड़न के खिलाफ बोलते हुए कहा कि अब जागने का समय आ गया है, हमारा समाज शैक्षिक, आर्थिक, सामाजिक सभी प्रकार से पिछड़ा हुआ है। बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर ने समाज में समरसता लाने के लिए आरक्षण की व्यवस्था दी थी, तो चाय जनगोष्ठी के लोगों को आरक्षण क्यों नहीं दिया जा रहा है। भारत सरकार ने जितने भी आयोग बनाये, सबने मातृभाषा भाषा के माध्यम से सिफारिश की, फिर बराकवैली में हिन्दी के माध्यम के विद्यालयों को क्यों समाप्त कर दिया गया? मंच ने शिक्षा, रोजगार और चुनाव में 30% आरक्षण और बराकघाटी के हिन्दीभाषी व चाय श्रमिकों के लिए उन्नयन परिषद गठन करने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि चाय बागान संलग्न जमीन पर अवैध तरीके से अतिक्रमण हो रहा है और बागानवासी भूमिहीन हैं। बागान में चिकित्सालय तो है लेकिन चिकित्सक और प्रशिक्षित नर्स के अभाव में रोगियों की चिकित्सा नहीं हो पा रही है। सभा में हिन्दी में हस्ताक्षर करने और अपना साईन बोर्ड हिन्दी में बनवाने का अनुरोध किया गया। 

सभा की अध्यक्षता राजकिशोर सिंह ने व संचालन रूपनारायण राय ने किया। मंच के मुख्य संयोजक दिलीप कुमार ने प्रस्ताविक वक्तव्य रखा। वक्ताओं में घनश्याम पाण्डेय, चौधरीचरण गोड़, राजकुमार भर, महेन्द्र पांडे, भोला यादव, राजकुमार दुबे, युगलकिशोर त्रिपाठी, अरुण कुमार नाडयु, उमा रविदास, ब्रजकिशोर गोड़, विनोद कोल व मनीष पाण्डेय ने वक्तव्य प्रदान किया। सभा में शिलचर से राजेन कुँवर, केशव दिक्षित, विमल नुनिया, करीमगंज से सुनील कानु, हाइलाकांदी से प्रमोद केवट, राजेश रुद्रपाल, अशोक लोहार, श्यामसुंदर रविदास, किरण कुमार, राजेश ग्वाला, उदित नारायण राय, रमेश कोइरी, दीपक कुमार यादव, किरण हजाम, अभिषेक पांडे, किरण तेली, अनिल वर्मा, दीपक चौहान, अम्बिका, गौतम,  विजय छत्री, मुरली रविदास, मुन दुषाद, नारायण नुनिया,  देवेन्द्र, राजकुमार कुर्मी, रामचंद्र कुंभकार, कृष्णप्रसाद ग्वाला, रामपुजन कुमार, सियाराम चौहान, सपना कुर्मी, महावीर भर, निरंजन चौबे, गणेश ग्वाला, दिलीप बारी, राजु केवट, रामचंद्र रविदास, नारायण रविदास, आशुतोष माल आदि उपस्थित थे।