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स्टाफ रिपोर्टर शिलचर 11 नवम्बरः सोनाई के पूर्व विधायक तथा वरिष्ठ भाजपा नेता बद्री नारायण सिंह अब हमारे बीच नही रहें। शनिवार को संध्या 4.45 बजे शिलचर मेडिकल कालेज में उन्होंने दम तोड़ दिया। मृत्यु के दौरान वे 86 वर्ष के थे।

वे अपने पीछे एक पत्नी, पुत्र राजेश सिंह उर्फ मुन्ना, पुत्रवधु, दो नाति मंजित और मनमोहन समेत भरापूरा परिवार छोड़ गये है। आज प्रेरणा भारती के प्रतिनिधि को सोनाई के पूर्व विधायक के पुत्र राजेश सिंह ने बताया कि मेरे पिता बद्री नारायण सिंह की हत्या हुई है। 10 नवम्बर को पिता बद्री सिंह को जबरन आइसीयु से निकालकर चिकित्सकों ने मेडिसीन के जनरल बेड नम्बर 36 में ला दिया। 10 नवम्बर को 1 बजे जनरल बेड पर लाने के बाद वैसे ही छोड़ दिया। कोई दवाई व इन्जेक्शन नही दिया गया। आज संध्या 4.30 बजे एक सिलाइन और एक इन्जेक्शन देने के बाद ही उनकी मृत्यु हो गयी। उन्होंने कहा कि मेडिकल प्रबंधन के लापरवाही से ही पिता की मौत हुई है अन्यथा अभी जिन्दा होते। 

ज्ञात हो कि दमदार हिन्दी भाषी नेता बद्री नारायण सिंह नयाबील गांव पंचायत से कई बार सभापति पद पर विजयी रहे, सन 1991 में सोनाई विधानसभा से विधायक बने। इसके बाद सन 1996 में कटलीछोड़ा विधानसभा से भाजपा के उम्मीदवार बने मगर वहां हार गये। बद्री नारायण सिंह हिन्दीभाषियों के एक दमदार नेता के रूप में जाने जाते रहे। वे विभिन्न संस्थाओं के साथ जूड़े रहें। उनके द्वारा अनेकों विकास कार्य भी हुआ है। मृत्यु खबर मिलते ही सर्वत्र शोक छाया हुआ है, रविवार को उनका अन्तिम संस्कार किया जायेगा। 

राज्य विधानसभा के उपाध्यक्ष दिलीप कुमार पाल ने बहुत ही दुःखद घटना बताया। उन्होंने कहां कि भाजपा पार्टी की एक बड़ी क्षति हुई है। बहुत ही हिम्मतवाला व्यक्ति थे। एैसा नेता मिलना मुश्किल है। उन्होंने विदेही आत्मा की शान्ति के लिये ईश्‍वर से कामना किया, साथ ही परिवारवालों के साथ समवेदना जाहिर किया है। शिलचर के पूर्व सासंद कबीन्द्र पुरकायस्थ ने अपने शोक  संदेश में कहा कि यह सिर्फ भाजपा पार्टी की क्षती नही है बल्की पूरे समाज की एक बड़ी क्षती हुई है। बद्री नारायण सिंह सभा समाज के लिये काम कर गये हैं, उन्हें जब सन 1991 में मैंने सोनाई से विधायक के  रूप में चुनाव लड़ने के लिये कहा था, वे तैयार हुए और पहली वार हिन्दू नेता के रूप में सोनाई विधानसभा से जीत कर यह सीट भाजपा की झोली में दे दिया था। ईश्‍वर उनकी आत्मा को शान्ति प्रदान करें। काछाड़ भाजपा सभापति उदय शंकर गोस्वामी ने कहा कि एक अपूरणीय क्षति हुई है। वे भाजपा के मार्गदर्शक थे, अब उनके जैसा मार्गदर्शन देने वाला दूसरा नही हो पायेगा। भगवान उनकी आत्मा को शान्ति प्रदान करें। उन्होंने परिवारवालों के प्रति समवेदना जाहिर किया। उनकी मृत्यु पर भाजपा के वरिष्ठ नेता अवधेश सिंह ने दुःख जताते हुए गहरा शोक प्रकट करते हुए कहा कि हिन्दी भाषी समाज की एक बड़ी क्षति हुई है।