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प्रे.सं शिलचर 12 नवम्बरः इण्डियन अकादमी आफ पेडिट्रिक्स बरकावैली शाखा द्वारा आागमी 17 नवम्बर से तीन दिवसीय सम्मेलन शुरु हो रहा है। 17, 18 एवं 19 को यह सम्मेलन पार्क रोड स्थित शिव सुन्दरी नारी शिक्षाश्रम में किया जायेगा।

तीनों दिन शिशु विशेषज्ञों द्वारा शिशु संबंधी विस्तृत जानकारी दिया जायेगा। आज शिलचर  पार्क रोड स्थित शिव सुन्दरी नारी शिक्षाश्रम के सम्मेलन कक्ष में पत्रकारों को संबोधित करते हुए असम पेडिकोन के सभापति सितांशु दाम ने कही। उन्होंने कहा कि सन 2004 में जब संस्था शुरु हुआ तब मात्र 4 लोग थे अब बराक वैली शाखा में कुल 30 लोग हैं। संस्था का मूल उद्दैश्य है शिशुओं के विकास में महत्वपूर्ण योगदान। ज्ञान का आदान-प्रदान। आपातकालीन सहायता। उन्होंने कहा कि असम पेडिकोन में 17 तारीख वेन्टिलेटर पर एक दिवसीय कार्यशाला, नवजात शिशुओं पर कार्यशाला। संस्था के संगठन सचिव पिनाकी चक्रवर्ती ने कहा कि यह सम्मेलन का थीम है आरली न्युट्रिशियन हेल्दी जेनरेशन। बराक, मणिपुर, त्रिपुरा, मेघालय आदि से कुल 200 लोग हिस्सा लेंगे। कार्यशाला में बेसिक न्यु बोर्न केयर फार नर्स पर चर्चा होगी। प्रथम दिन नवजात शिशु पर कार्य शाला, दूसरे दिन शिक्षा व्यवस्था पर, तीसरे दिन क्या है नयापर पर कार्यशाला। आइएपी बराकवैली शाखा के सभापति डा. चन्द्रशेखर दास ने कहा कि बराकवैली में अभीतक कुल 12 शिविर का आयोजन किया गया है। 2006-07 में आइएपी बराकवैली शाखा को सर्वोत्तम शाखा के रूप स्थान मिला है।  डा. सितांशु दाम ने पत्रकारों के प्रश्‍नों के जवाब में कहा कि आज दूबला-पतला, रोगी, विकलांग जो बच्चा पैदा हो रहे हैं इसकी लिये नवजात को जन्म देनेवाली मां ही जिम्मेदार है। ज्यादा मृत बच्चे तब पैदा होते हैं जब मां का उम्र 15 से 18 के भीतर होता है। अधिकतर ऐसे माताओं के बच्चे पैदा होते समय मर भी जाते हैं और दोष चिकित्सकों पर डाल दिया जाता है। चिकित्सक कर ही क्या सकते हैं जब माताएं परिपक्व नही होती है। आज जो गोरखपुर, डिब्रगड़ मेडिकल कालेज में घटनाए घट रही है इसमें सिर्फ चिकित्सकों का ही दोष नही है, माताओं की अपरिपक्वता है। बच्चा पैदा करने तीन महीने पूर्व आइरन की गोली अनिवार्यता होती है मगर गरीब परिवार के माताओं को यह सुविधा मिलती ही नही। जिस गरीब माताओं को एक टाइम खाने को नही मिलता है वे माताएं कहां से परिपक्व बच्चा पैदा कर पायेंगी। 

  पत्रकार वार्ता में असम पेडिकोन के सचिव प्रियंका देव, आइएपी बराकवैली शाखा के संगठन सचिव पिनाकी चक्रवर्ती, संगठन को-चेयरमैन डा. रंजन पाल, प्रोफेसर डा. सुमित दास, डा. अब्दुल हुसैन आदि उपस्थित थे।