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स्टाफ रिपोर्टर शिलचर 15 दिसम्बरः शुक्रवार को प्रेरणा भारती परिवार के तरफ से  मुख्यमंत्री सर्वानन्द सोनोवाल के ओएसडी (आफिसर इन स्पेशल ड्युटी) शेखर दे को सम्मानित किया गया।

अपरान्ह 4 बजे प्रेरणा भारती कार्यालय में सम्मान समारोह का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर प्रेरणा भारती के सम्पादक सीमा कुमार, प्रकाशक दिलीप कुमार, प्रेरणा भारती परिवार के अभिभावक आत्मा प्रसाद , स्टाफ रिर्पोटर जवाहर लाल पाण्डेय, कार्यालय सहायिका संगीता माला आदि उपस्थित थे। सर्वप्रथम ओएसडी शेखर दे, संपादक सीमा कुमार, प्रकाशक दिलीप कुमार को उत्तरीय देकर सम्मानित किया गया। 

प्रेरणा भारती के संपादक सीमा कुमार एवं प्रकाशक दिलीप कुमार  समेत उपस्थित  कार्यालय के अन्य पदाधिकारियों एवं स्थानीय समाजसेवियों के बीच हुई वार्तालाप में शेखर देने प्रेरणा भारती परिवार द्व्रारा सम्मानित किये जाने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि बराक उपत्यका में एकमात्र दैनिक प्रेरणा भारती हिन्दी समाचार पत्र ही यहां के जनमानस के लिये हिन्दी का माध्यम है, इसकी प्रगति होना बहुत ही जरुरी है, यहां से लेकर दिल्ली तक एकमात्र प्रेरणा भारती ही जनमानस को राष्ट्रभाषा में जोड़ने का काम करती है। उन्होंने कहा कि प्रेरणा भारती को अन्य अखबारों के तरह सभी सुविधा मिले इसके लिये मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित करेंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी पेपर के लिये विज्ञापन जरुरी होता है, वे राज्य सरकार के डीआइपीआर विभाग से बातचीत कर विज्ञापन दिलाने के लिये कार्रवाई करेंगे। 

ओएसडी का बराक उपत्यका में क्या दायित्व हैं इस परि ओएसडी शेखर दे ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर सभी विभागों में ही देखभाल करना पड़ता है, जहां भी स्पेशल कार्य होता है उसे वे करते हैं। उन्होंने कहा  कि शिलचर  डीआइपीआर का कार्य भी देखते हैं। कोई भी कार्य अछूता नही हैं। सभी देखना पड़ता  है। बराक में स्वास्थ्य, पीडब्लु आदि विभाग के लिये दौड़ लगा रहे हैं। प्रकाशक श्री दिलीप कुमार ने शेखर दे को अवगत कराया कि यहां जाति प्रमाणपत्र के  लिये काफी परेशानी उठाना पड़ रहा है, लोहार, सोनार, भर, कानु आदि जातियां हैं जो सरकारी सूची में नही है, सरकारी सूचीू में नही होने से यहां के चाय जनजाति के परिवारों को पढ़ाई-लिखाई में परेशानी हो रही है। बच्चे उच्चस्तरीय पढ़ाई से बंचित हो रहे हैं इस पर श्री शेकर दे ने कहा कि एक राज्य से दूसरे राज्य में जाति प्रमाणपत्र के लिये परेशानी  हो रही है, उत्तरांचल में ज्यादा समस्या हैं. इसके लिये संबंधित विभाग से बातचीत करेंगे। जल्द ही इस समस्या का निदान करवाने का प्रयत्न करेंगे। 

चायबागान मजदूरों की मजदूरी के समस्या को लेकर उन्होंने कहा कि इस विषय पर वे काम कर रहें हैं शीघ्र ही चाय बागान मजदूरों को समान मजदूरी मिले वे भी चाहते हैं। क्योंकि मजदूर से ही चाय बागान तथा असम की पहचान है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी का अच्छी जिन्दगी जीने का अधिकार है, चाय बागानवासी अछूते नही है, वर्तमान सरकार इस विषय पर गहराई से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि चाय बागान के मजदूरी को लेकर  कामाख्या प्रसाद तासा, रामेश्‍वर तेली अधिक सक्रिय हैं। वे लोग भी अपने स्तर पर काम कर रहे हैं। उन्होंने यहां के आयोजकों को एक बैठक बुलाने के लिये निर्देश दिया है। बैठक बुलाने के लिये बीसीएमएस के पदाधिकारियों को निर्देश दिया। इस बैठक में यहां के विधायकों को बुलाने के लिये भी कहा। उन्होंने कहा कि वे खुद इस बैठक में उपस्थित होकर इस यहां की समस्याओं के बारे में अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त कर समस्या का निदान करवायेंगे। चेंगकुड़ी चाय बागान का वर्तमान हालत जानने के बाद उन्होंने तुरन्त ही अतिरिक्त जिलाधिकारी बी सी नाथ को फोन पर बातचीत किया। बीसी नाथ से बातचीत कर उपस्थित लोगों को बताया कि यह कार्य डीआरसी के चलते ही रूका हुआ था। अब यह बागान पुराना रूप नही ले सकता है यहां पर कोई दूसरी व्यवस्था ही सरकार को करनी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि बराक के अन्य बागानों की हालत न बिगड़े प्रशासन इस विषय पर ध्यान दे रही है। ओएसडी के साथ बैठक में विशिष्ट लोग हरिनारायण बर्मा, मुरलीधर कानु, जय प्रकाश गुप्ता, कृपासिन्धु धर, सुनील कानु आदि उपस्थित थे।