Offcanvas Info

Assign modules on offcanvas module position to make them visible in the sidebar.

A A A

प्रे.सं शिलचर, 27 दिसम्बरः 1 दिसम्बर को एनआईटी शिलचर में दायित्व लेने के बाद जब मुझे पता चला कि नराकास का  कार्यालय यहीं है ।

मुझे जानकर प्रसन्नता हुयी कि मुझे नराकास का काम करने का अवसर मिला है। मुझे एनआइटी के हिन्दी अधिकारी प्रशान्त कुमार तिवारी ने बताया कि नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति में मेरा चेयरमैन का दायित्व है। उपरोक्त बातें आज एनआईटी शिलचर में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति शिलचर की 53 वीं बैठक में एनआईटी शिलचर के निदेशक प्रोफेसर  डा. शिवाजी बन्दोपाध्याय ने कही। उन्होंने कहा कि नराकास के सदस्य वृन्द राजभाषा अनुपालन का प्रयास कर रहे हैं। हम (ग) क्षेत्र में है, जहां हिन्दी जानने वाले कम है। इसलिये इस क्षेत्र में राजभाषा सीखने एवं प्रयोग करने पर जोर देना चाहिए। सरकार की नीतियों को आम नागरिको तक पहुंचाने का काम हिन्दी में करना है, केवल औपचारिकता के लिये नही, अपनी राजभाषा के सम्मान के लिये काम करें। उन्होंने कहा कि राजभाषा के विकास के लिये एनआइटी शिलचर से हर-संभव सहयोग करने की कोशिश करुंगा। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि जब हम अगली बैठक में आयेंगे तो और भी बेहतर प्रदर्शन करेंगे। निदेशक ने कहा कि सन 2016-17 में राजभाषा में श्रेष्ठ काम करने वालों को पुरस्कृत किया गया। पुरस्कार के छह मानदण्ड थे जिनमें पहला त्रैमासिक रिपोर्ट से प्राप्त जानकारी और समय से पूर्णरूप से भेजी गयी है या नहीं, दूसरा सभी तिमाही बैठकों का आयोजन हो रहा है या नहीं, तीसरा कार्यालय में हिन्दी उन्नयन संबंधी गतिविधियाँ चल रही है या नहीं। चौथा मानदंड था राजभाषा विभाग या किसी अन्य विभाग से प्राप्त पुरस्कार, पांचवां राजभाषा अधिनियम 3(3) का अनुपालन हो रहा है या नहीं तथा छठां मानदंड है सभी केन्द्रीय प्रतिष्ठानों से राजभाषा के छमाही बैठकों में उपस्थिति हो रही है या नहीं। जिस विभाग ने इन छः मानदंडो का पालन किया, उन्हें पुरस्कृत किया गया। जिसमें एनआइटी शिलचर को प्रथम, एलआइसी मंडल कार्यालय शिलचर को द्वितीय तथा केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल शिलचर को तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुआ।

बैठक में केन्द्रीय विद्यालय संगठन शिलचर क्षेत्र के जिला उपायुक्त डा. पी के कौल ने कहा कि हिन्दी में काम करने का उद्दैश्य ही है आम लोगों से जुड़ना, हमारा 90 प्रतिशत कार्य हिन्दी में हो रहा है। वार्तालाप हिन्दी में हो रहा है। चूंकि लिखित में नही होता है, इसलिये उसकी गिनती नही होती। हिन्दी में काम करने का उद्दैश्य है कि सरकार की नीतियां जनता तक पहुंचे। अगर आप अग्रेंजी में साइन बोर्ड लगा दे तो आम आदमी कैसे पढ़ेगा। हमारी समस्या आज इसलिये है कि क्योंकि पूरा तंत्र अंग्रेजो से ले लिया है। अंग्रेजी की शिक्षा-दिक्षा के कारण आज भी हमारी मानसिकता वैसे ही बनी हुई है। 70 साल बाद इसमें सुधार की आवश्यकता है। प्रास्ताविक वक्तव्य देते हुए एनआइटी शिलचर के हिन्दी अधिकारी प्रशान्त कुमार तिवारी ने कहा कि आज  पहलीबार इतने सदस्य समय पर पधारे हैं, मैं सभी का आभार प्रकट करता हूं। उन्होेंने कहा कि राष्ट्रीय प्रोद्यौगिकी संस्थान शिलचर में सभी विभागो की तिमाही बैठक हुयी और राजभाषा विभाग द्वारा प्राप्त दिशा-निर्देशों पर किया गया। तिमाही  रिपोर्ट सरकार के संबंधित विभागों को भेजी गयी। राजभाषा कार्यशाला का आयोजन हुआ। धारा 3 (3) का शत प्रतिशत अनुपालन किया गया। गौहाटी में नराकास के सदस्य सचिवों की बैठक हुयी, उसमें  हमारी गतिविधियों की सराहना की गयी। उन्होेंने राजभाषा के उत्थान करने के लिये कहा कि थोड़ा-थोड़ा काम करने से कुछ हद तक हमलोग काम कर पायेंगे। हमारे वर्तमान चेयरमैन ने दायित्व भार ग्रहण करने के पश्‍चात जो उत्साह दिखाया है इससे ग क्षेत्र में राजभाषा का विकास होगा। 

इस अवसर पर उपस्थित प्रेरणा भारती दैनिक हिन्दी समाचार पत्र के प्रकाशक दिलीप कुमार ने कहा कि राजभाषा का पालन औपचारिकता नही है, कर्तव्य समझकर करना चाहिए, देश के उन्नति के लिये  राजभाषा अनुपालन जरुरी है। उन्होंने सुझाव  देते हुए कहा है कि सरकारी कार्यो में हिन्दी शब्दावली की जो समस्या आती है इसके लिये तकनीकी शब्दावली आयोग के साथ कार्यशाला करनी होगी। इससे इस समस्या का निदान होगा। 

नवोदय विद्यालय पैलापुल के प्राचार्य डी के सिंह ने कहा कि अलवर के शासक ने एकबार निरक्षरता दूर करने के लिए निर्देश दिया कि कल से भुगतान लेने में जो अंगुठा लगायेगा, उसका अगुंठा काट लिया जायेगा। दूसरे दिन से लोग हस्ताक्षर करना सीख गए। हमने ऐसा प्रयोग नही किया, अन्यथा हिन्दी का यह हाल नही होता। हमलोग 99 प्रतिशत राजभाषा का अनुपालन के लिये प्रयास करते हैं। नवोदय विद्यालय हैलाकांदी की हिन्दी शिक्षिका ने कहा कि विद्यालय में बच्चों के साथ हिन्दी का ही प्रयोग होता है। प्रातः कालीन प्रार्थना सभा हिन्दी में होती है। हिन्दी पखवाड़ा मनाते है, 3-4 साल में छात्र भी हिन्दी बोलने लगते हैं। हमारे यहां पेड, सील, सभी द्विभाषी है। हम आनलाइन तिमाही रिपोर्ट भेजते रहते हैं। हमारी कोशिश है कि हम गांव-गांव तक हिन्दी को पहुंचाए। केन्द्रीय सुरक्षा बल दयापुर के उप-कमाडेन्ट रत्नेश कुमार सिंह ने कहा कि हमारे यहां प्रतिस्पर्धा नही है किन्तु हम अगली बार एनआईटी को कड़ी टक्कर देंगे आज हमें तीसरा स्थान मिला है। हिन्दी अनुवादक (निरीक्षक) महेश नायडु जी की राजभाषा अनुपालन में महत्वपूर्ण योगदान है। हमारी मानसिकता तेजी से बदल रही है, हम अंग्रेजी भी जानते हैं किन्तु हिन्दी का प्रयोग कर रहे हैं। हमारी संस्था राष्ट्रीय है, यहां हिन्दी में कार्य करने में कोई असुविधा नही है। हमारी राष्ट्रभाषा को पुरी मर्यादा नही मिल रही है। सर्वे आफ इण्डिया के कार्यकर्ता ने कहा कि विश्‍व का कोई भी देश हो अपनी भाषा में ही उन्नति करता है। उन्होंने कहा कि हमारे कार्यशाला में राजभाषा का अनुपालन हो रहा है। कनिष्ट हिन्दी अनुवादक का पद सृजन करने के लिये कार्य चल रहा है। पांचग्राम पेपर मिल से आये हिन्दी अधिकारी चित्तरंजन भारती ने कहा कि तिमाही रिपोर्ट समय से भेजते हैं, कार्यशाला का आयोजन करते हैं। हिन्दी दिवस मनाते हैं, धारा 3 (3) का अनुपालन हो रहा है। असम विश्‍व विद्यालय के हिन्दी अधिकारी सुरेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि राजभाषा कार्यान्वयन के लिये सर्वदा प्रयत्नशील हैं, प्रतियोगिता का आयोजन होता है, कार्यशाला भी करते है। इस अवसर पर सज्जन चक्रवर्ती ने कहा कि हिन्दी के लिये हमारे दिल में सम्मान है। अंग्रेजी के बजाय जीएसटी के जरिये सारा काम अंग्रेजी में हो रहा है। आल इण्डिया रेडियों के स्टेशन प्रंबधक ने कहा कि हम हर संभव कोशिश कर रहे हैं, आगे भी करते रहेंगे। नराकास का सहयोग मिलता रहे। कुंभीरग्राम हवाई अड्डा  से हिन्दी अधिकारी ने कहा कि तिमाही बैठक हो रहा है, प्रत्राचार हिन्दी में किया जाता है। इस अवसर पर सन 2016-17 में राजभाषा में श्रेष्ठ काम करनेवालो को पुरस्कृत  किया गया। बैठक में एनआइटी शिलचर के निदेशक डा. शिवाजी बन्दोपाध्याय, केन्द्रीय विद्यालय संगठन के उपायुक्त डा. पी के कौल, प्रेरणा भारती के प्रकाशक दिलीप कुमार मंचासीन थे। एनआइटी के सहायक हिन्दी कर्मचारी सन्तोष वर्मा ने बैठक का संचालन किया।