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प्रे.सं शिलचर 11 फरवरीः रविवार को राष्ट्रभाषा एवं चाय जनगोष्ठी उन्नयन मंच के तत्वाबधान में शिलचर नगर में हस्ताक्षर अभियान के लिये एक बैठक हुई।

समाजसेवी कन्हैया लाल सिंगोदिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में मंच के मुख्य संयोजक दिलीप कुमार ने प्रास्ताविक वक्तव्य में उपस्थित लोगों को जानकारी प्रदान करते हुए कहा कि चाय बागानवासियों को विभिन्न समस्याओं को देखते हुए उनकी विभिन्न मांगो को लेकर गत 3 दिसम्बर को शिलचर हिन्दी भवन में 22 संगठनों को लेकर एक संयुक्त बैठक हुई थी, बैठक में ही राष्ट्रभाषा एवं चाय जनगोष्ठी उन्नयन मंच का शुभांरभ हुआ, मंच के सिद्धान्त के अनुसार  गत 9 जनवरी को शिलचर में धर्ना-प्रदर्शन किया गया। इसी क्रम में हैलाकांदी, दुर्ल्लभछोड़ा, पाथरकांदी, लखीपुर, उधारबन्द व लोहाउपुआ में धर्ना-प्रदर्शन किया गया और  असम सरकार के समक्ष ज्ञापन प्रदान किया गया। इस सन्दर्भ में राज्य सरकार से कोई प्रतिक्रिया या आश्‍वासन नही मिलने पर 31 जनवरी को शिलचर के हंसी-खुशी भवन में बराक स्तर पर हुई मंच की बैठक में 4 फरवरी से 4 मार्च के बीच बराक के सभी चायबागानों, गांवों, बस्तियों एवं शहर से लाखों हस्ताक्षर उठाने का सिद्धान्त लिया गया, साथ ही लाखों हस्ताक्षर के साथ आगामी 15 मार्च को महारैली का सिद्धान्त लिया गया। बराक उपत्यका के सभी चाय बागानों, बस्तियों, गांवों में विभिन्न अभियान के माध्यम से हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है।  आज इस बैठक के माध्यम से शिलचर नगर में रह-रहे हिन्दीभाषियों की हस्ताक्षर लेने के योजना तैयार किया जायेगा। उन्होंने कहा कि गत मंगलवार को महारैली के लिये बिपिन चन्द्र पाल ग्राउण्ड एवं जिला पुस्तकालय को बुक कर दिया गया है। इसी स्थान पर महारैली के लिये उपस्थित होनेवाले चायबागानवासी इकट्ठा होंगे। उन्होंने कहा कि गत बुधवार को काछाड़ जिलाधिकारी डा. एस लक्ष्मणन को महारैली का परमिशन के लिये ज्ञापन दिया गया है, शुक्रवार को परमिशन का कागज एसपी कार्यालय तक पहुंचा था। आगामी 10 मार्च से समग्र इलाके में माइकिंग के लिये भी परमिशन मांगा गया है, लगातार पांच दिन अली-गली चाय बागानों में यह माइकिंग किया जायेगा।  शिलचर शहर के जिन-जिन रास्ते से महारैली गूजरेगी इसकी जानकारी भी ज्ञापन में दिया गया है, रास्ते के लिये जिलाधिकारी को दो विकल्प दिया गया है। उन्होंने कहा कि  15 मार्च को सुबह 10 बजे से बिपिन चन्द्र पाल ग्राउण्ड में महारैली से पूर्व महासभा का आयोजन किया जाएगा, बराक से आये हुए बुद्धीजीवी दो घन्टे तक चाय बागान की विभिन्न समस्याओं पर सरकार की ध्यान आकर्षित करेंगे। इसके बाद  दिन 12 बजे शिलचर जिलापुस्तकालय से महारैली आंरभ कर शहर के विभिन्न मार्गो को भ्रमण करती हुई विशाल रैली काछाड़ जिलाधिकारी कार्यालय के सामने पहुंचेगी। वहां पर लाखों लोगों का लिया गया हस्ताक्षर काछाड़ जिलाधिकारी के माध्यम से राज्य के मुख्यमंत्री को भेजा जायेगा। साथ ही मांगो का ज्ञापन दिया जायेगा।  

बैठक में शिलचर शहर में हस्ताक्षर के लिये सर्वसम्मति से पांच भागों में बाटकर हस्ताक्षर लेने का सिद्धान्त लिया गया। इसके लिये पांच उप-समितियां बनाई गयी। शिलचर उत्तर के लिये डा. रीता सिंह यादव (प्रमुख) एवं रवि कुमार शुक्ला (सह-प्रमुख) एवं संजीव राय, युगल किशोर त्रिपाठी, सरोज तिवारी, ब्रजेश पाण्डेय, विप्लव पटवा, हीरालाल भर सदस्य के रूप में रहेंगे। इसी तरह शिलचर पश्‍चिम में हस्ताक्षर के लिये आनन्द दूबे को प्रमुख एवं सागर रविदास को सह-प्रमुख, रामस्वारथ सिंह, विश्‍वनाथ हजाम, सुपर्णा तिवारी, रामेश्‍वर सिंह सदस्य रहेंगे। शिलचर मध्य में महाबीर बरदिया, पनव राठी, शान्तिलाल डागा व प्रमोद शर्मा का नाम शामिल है। शिलचर पूर्व में मुलचन्द बैद, परमेश्‍वर काबरा, अनिल मिश्रा एवं शिलचर दक्षिण में चन्द्रशेखर सिंह, भोलानाथ यादव, जयप्रकाश गुप्ता आदि का नाम शामिल है। इसके अलावा बैठक में विभिन्न विषयों पर विभिन्न वक्ताओं ने प्रकाश डाला। बैठक में हरिनारायन वर्मा, महाबीर बरदिया, चन्द्रमा प्रसाद कोइरी, युगल किशोर त्रिपाठी, राजेन्द्र पाण्डेय, सीमा कुमार, पवन कुमार राठी, रीता सिंह यादव, रविकुमार शुक्ला, सुनील कानु, विश्‍वजित कोइरी, शुभम राय, बबलु राय, बाबुल कुमार, अंशुमान पाठक, बिप्लव पटवा, बिप्लव राय, बाबुल नुनिया, रितेश नुनिया, सागर रविदास आदि उपस्थित थे।