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गुवाहाटी, २४ जून (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश के लोवर सुवनसिरी में २००० मेगावाट के जलविद्युत प्रकल्प का पिछले कई वर्षों से विभिन्न संगठनों द्वारा विरोध-प्रदर्शन का सिलसिला जारी है।

जब कभी केंद्र सरकार की ओर से इस जलविद्युत प्रकल्प को लेकर कोई कदम उठाया जाता है तो राज्य में एक साथ कई संगठन इसके विरोध में खड़े हो जाते हैं। हाल ही में केंद्रीय विद्युत मंत्री पियुष गोयल ने लोवर सुवनसिरी जलविद्युत प्रकल्प के निर्माण को लेकर बयान दिया था, जिसको लेकर राज्य में फिर से विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। इस कड़ी में शनिवार को असम जातियतावादी युवा छात्र परिषद (अजायुछाप) ने ऊपरी असम के गोलाघाट, तिनसुकिया, लखीमपुर और निचले असम के रंगिया में जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। अजायुछाप ने केंद्र सरकार और प्रकल्प का निर्माण करने वाली एनएचपीसी के विरोध में जमकर नारेबाजी की। साथ ही एनएचपीसी और केंद्रीय मंत्री पियुष गोयल का पुतला फूंका।

उल्लेखनीय है कि लोवर सुवनसिरी जलविद्युत प्रकल्प अरुणाचल प्रदेश में ब्रह्मपुत्र नद पर बनाया जा रहा है। असम के विभिन्न दल और संगठनों का कहना है कि इस बांध के बन जाने से असम में रहने वाले लोगों के लिए बड़ा गंभी खतरा उत्पन्न हो जाएगा। विरोध करने वालों का मानना है कि अगर बांध टूट गया तो असम में भारी तबाही आएगी। इसलिए इस इलाके में बड़े बांध कभी भी नहीं बनने दिया जाएगा। हालांकि केंद्र सरकार विरोध करने वाले संगठनों के साथ कई बार बातचीत कर उनकी आपत्तियों को दूर करने का प्रयास किया है, लेकिन मुद्दा अपनी जगह पर कायम है। जबकि जलविद्युत प्रकल्प का ७० प्रतिशत काम पूरा हो गया है। इस बांध के बन जाने से अरुणाचल प्रदेश के साथ ही असम की भी बिजली की कमी को काफी हद तक पूरा किया जा सकता है।