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 एमसीडी के नतीजे आ गए हैं और जैसी कि आशंका थी... चुनाव में भाजपा ने आप और कांग्रेस की तकरीबन दो तिहाई धुलाई कर डाली है! असली मुद्दों से भटक कर ईवीएम की रस्सी को सांप साबित करने की कोशिशें अब भी जारी हैं और नतीजों पर आप की प्रीरिकार्डेड प्रतिक्रिया लगातार बज रही है... आप जीते तो मतदाता की जीत और भाजपा जीते तो मशीन की जीत! इधर, दिल्ली डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने ट्विटर पर लिखा... भाजपा ने २००९ का चुनाव हारने के बाद पांच साल ईवीएम पर रिसर्च कर महारत हासिल की और आज उसी रिसर्च और महारत के दम पर चुनाव जीत रही है. भाजपा ने ईवीएम पर केवल रिसर्च नहीं की बल्कि इनके नेता जीबीएल नरसिंहाराव व आडवाणी जी ने किताब भी लिखी, इनके नेता सुप्रीम कोर्ट भी गए थे. ईवीएम टेम्परिंग देश के लोकतंत्र की ऐसी कड़वी सच्चाई है जिसका शुरू में मजाक उड़ सकता है लेकिन मजाक के डर से हम सच बोलना नहीं छोड़ सकते!एमसीडी चुनाव में मिली हार का ठीकरा आम आदमी पार्टी ने ईवीएम पर फोड़ा है. आप नेता और दिल्ली सरकार में मंत्री गोपाल राय ने केजरीवाल के घर बैठक के बाद कहा कि... दिल्ली में जो परिणाम आए उसमें भाजपा को जो जीत मिली है वो ईवीएम लहर से ही संभव है. ईवीएम के माध्यम से भाजपा देश में तानाशाही लाना चाहती है. यूपी और उत्तराखंड की ईवीएम लहर को दिल्ली में भाजपा ने रिपीट किया है. आम आदमी पार्टी परिणाम की समीक्षा करेगी लेकिन देश को कैसे बचाया जाए इस पर विचार करना होगा? लेकिन भईय्या, फिलहाल तो दल को कैसे बचाया जाए इस पर विचार करोगे तो ज्यादा बेहतर रहेगा! ईवीएम के आटे में गड़बड़ी का थोड़ासा नमक तो और भी समझ में आता लेकिन कोरे नमक की रोटी जनता को तो नहीं पची, अब आपवालों को भी कब्ज कर रही है! उधर, दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा... चुनाव नतीजों की जिम्मेदारी केवल ईवीएम पर नहीं डाली जा सकती. स्थिति चिंताजनक है और हमें सोचने की जरूरत है. दिल्ली में बीजेपी की लहर है इसे नकारा नहीं जा सकता! इसी तरह... एमसीडी चुनाव परिणामों के बीच पंजाब में आम आदमी पार्टी नेता भगवंत मान ने अरविंद भाई के नेतृत्व पर सवाल उठाया है. टिड्ढब्यून अखबार को दिए बयान में भगवंत मान ने कहा कि... पंजाब में बिना अपना कप्तान चुने हमने चुनाव लड़ा. हमारी टीम मोहल्ला क्रिकेट की टीम की तरह थी. हमने सीएम का उम्मीदवार घोषित नहीं किया, लोग इससे कंफ्यूजन में थे. पंजाब में जरनैल सिंह को उतारना बड़ा गलती थी. सीएम के चेहरे को लेकर लोगों में कंफ्यूजन पैदा हो गया!
    भाई भगवंत मान, दिल्ली का पिछला चुनाव भी कॉलेज इलैक्शन की तरह ही था, जब आप को करिश्माई कामयाबी मिली थी... जैसे कॉलेज में चवन्नी की चाय जैसे आश्वासनों के दम पर चुनाव तो जीत जाते हैं लेकिन हो कुछ नहीं पाता है... कुछ वैसा ही अनुभव दिल्ली की जनता को हुआ है! दिल्ली एमसीडी चुनाव परिणामों पर अरविंद भाई के गुरु अन्ना हजारे की प्रतिक्रिया आयी है जो आप के लिए राजनीतिक ज्ञानवर्धक हो सकती है! अन्ना ने कहा... चुनाव में आप को सही सफलता नहीं मिली ये दुर्भाग्य की बात है. जब आप पार्टी दिल्ली में चुनकर आयी थी तब लोगों की अपेक्षाएं बहुत थीं! आप पार्टी की हार का मुख्य कारण है कि जब चुनाव से पहले उन्होंने कहा कि... हम बंगला नहीं लेगें, गाड़ी नहीं लेंगे, तनख्वा नहीं लेंगे, लेकिन... चुनकर आने के बाद गाड़ी भी ली! बंगला भी लिया! ...और सैलरी भी ली! अरविंद केजरीवाल ने जो कहा वो नहीं किया. कथनी और करनी में फर्क ने आम आदमी पार्टी को हराया... आप पर लोगों का भरोसा कम हुआ है!
डेंगू का इलाज करो, थर्मामीटर का मजाक मत उड़ाओ अरविंद भाई! अभी भी वक्त है... ईवीएम जैसे मुद्दों पर भटकना-भटकाना छोडक़र मूल काम पर लौट आओ वरना... न दिल्ली हाथ में रहेगी... न दल हाथ में रहेगा!