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गुवाहाटी (स‘ाचार एजेंसी)ः असम के सबसे बड़े घोटाले कैश फॉर जॉब्स स्कैम में अभी तक २१ अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है।

जांच टीम की कई और अधिकारियों पर नजर है जिन्होंने कथित रूप से घूस देकर नौकरियां हासिल की थी। न्यूज चैनल टाइम ८ की रिपोर्ट के मुताबिक इस घोटाले में असम सिविल सर्विस और असम  चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक साल २०१५-२०१६ के दौरान करीब ३८२ उम्मीदवार विभिन्न सरकारी नौकरियों के लिए चयनित हुए थे। इन उम्मीदवारों की उत्तर कुंजियां राज्य की विभिन्न प्रयोगशालाओं में फोरेंसिक टेस्ट के लिए भेजी गई है। चैनल ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि फोरेंसिक प्रयोगशालाओं से रिपोर्टें मिलने के बाद पुलिस कई और गिरफ्तारियां कर सकती है। कम से कम २००० उत्तर कुंजियां फिलहाल टेस्ट के लिए भेजी गई है। जैसे ही ये रिपोर्टें मिलेंगी पुलिस पूरे घोटाले में शामिल अगले संदिग्धों को पकडी के लिए एक और ऑपरेशन शुरू करेगी। पुलिस ने उन उम्मीदवारों की १२१२ उत्तर कुंज्जियां जब्त की है जिन्हें २०१५ में नियुक्त किया गया था। २०१६ में नियुक्त किए गए उम्मीदवारों की १०८० कुंज्जियां भी जब्त की है। असम पब्लिक सर्विस कमीशन के कैश फॉर जॉब स्कैम में मुख्य आरोपी राकेश पॉल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अभी तक २१ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें असम सिविल सर्विस और असम पुलिस सर्विस के अधिकारी शामिल है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में रेल राज्य मंत्री राजेन गोहेन की भतीजी सुनयना और तरुण गोगोई के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में मंत्री रही सुमित्रा डोले पातिर की रिश्तेदार गीताली डोले शामिल है। असम सिविल सर्विस(एसीएस) की अधिकारी गीताली डोले, जो गोगामुख सर्किल अधिकारी के रूप में पोस्टेड थी। सुनयना नगांव में कर अधिकारी के रूप में तैनात थी। दोनों ने शुक्रवार को स्पशेल जज आलोकेश्वर भट्टाचार्य के समक्ष सरेंडर किया। सुमित्रा पातिर डोले इस साल अप्रेल में भाजपा में शामिल हुई थी। डिब्रूगढ़ पुलिस ने अक्टूबर २०१६ में मामला दर्ज किया था। सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने वाली अंशुमिता गोगोई ने शिकायत दर्ज कराई थी कि इंजीनियर नबाकांता पातिर ने उसे ऑफर दिया था कि अगर वह १० लाख रुपए की घूस देती है तो उसे असम पब्लिक सर्विस कमीशन के जरिए सरकारी नौकरी मिल जाएगी। पुलिस ने जाल बिछाया और अंशुमिता से रिश्वत लेते पातिर को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। पातिर के कबूलनामे के आधार पर असम पब्लिक सर्विस कमीशन के पूर्व चेयरमैन राकेश पॉल को पिछले साल ४ नवंबर को गिरफ्तार किया गया।