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ेगुवाहाटी (समाचार एजेंसी)ः जबकि दशकों पुराने नगा विद्रोह पर आगामी क्रिसमस के पहले विराम लगने की उम्मीद केंद्र ने कर ली है, नगालैंड से लगे असम के पांच जिलों में नगा दखल की बैचेनी चरम पर पहुंचती जा रही है।

एनएससीएन (आईएम) के नेताओं के दावों को आधार बनाकर प्रदेश कांग्रेस की ओर से गोलीघाट जिले के मोरापानी बाजार में हजारों सीमांत निवासिरों को एकत्रित कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किरा गरा। इस दौरान कमस खाई गई कि खून देंगे, असम की जमीन नहीं जाने देंगे। असम कांग्रेस की पूरी लीडरशिप इस मौके पर मौजूद रही। सबने सीमा क्षेत्र में लंबी दूरी तक पदरात्रा और जनसभा के माध्रम से असम की एक इंच जमीन भी प्रस्तावित गे्रटर नगालिम में नहीं जाने देने का संकल्प जतारा। सीमांत इलाकों में इस बात की जोरदार चर्चा है कि एनएससीएन (आईएम) के नेता दावा कर रहे है कि फ्रेमवर्क समझौते के तहत असम से शिवसागर, गोलाघाट, चराईदेउ, नाहरकटिरा और कार्बी आंग्लोंग के अधिकांश इलाके नगालिम में चले जाएंगे। प्रदेश कांग्रेस पांच दिनों तक असम नगालैंड से सटे इलाकों में पदरात्राएं और जनसभाएं करेंगी। शनिवार को पहले दिन पूर्व मुख्रमंत्री तरुण गोगोई, प्रदेश कांग्रे अध्रक्ष रिपुन बोरा, विधारक दल के नेता और उपनेता देवब्रत सइकिरा व रकीबुल हुसैन, एआईसीसी सचिव राना गोस्वामी, सांसद गौरव गोगोई सहित पदाधिकारी मौजूद थे।