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गुवाहाटी, 11 जनवरी (हि.स.)। असम में राष्ट्रीर नागरिक पंजी (एनआरसी) की पहली मसौदा सूची जारी होने के बाद से राजनीतिक बरानबाजी का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है।

गुरुवार को इस कड़ी में कछार जिले के सोनाई विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधारक अमीनुल हक लस्कर का नाम भी जुड़ गरा। उन्होंने पश्‍चिम बंगाल की मुख्रमंत्री से कहा है कि असम के बंगालिरों की ममता बनर्जी को चिंता करने की जरूरत नहीं है। रहां के बंगालिरों की चिंता करने के लिए असम में बहुत नेता मौजूद हैं। मुख्रमंत्री ममता की सहानुभूति की कोई जरूरत नहीं है।ज्ञात हो कि पश्‍चिम बंगाल की मुख्रमंत्री ममता बनर्जी ने पिछले दिनों असम सरकार पर बांग्लाभाषिरों के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए विवादास्पद बरान दिरा था। उसे लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष अपने-अपने तरीके से परिभाषित करने में जुटा हुआ है। विधारक लश्कर ने कहा कि असम में बाहरी नेताओं की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने ममता बनर्जी से पूछा है कि अब से पूर्व असम के बंगालिरों की क्रा कभी उन्होंने कोई चिंता की थी? उनके अधिकारों के लिए क्रा कभी कोई आवाज उठाई थी? अगर नहीं तो आज क्रों इतनी छटपटाहट हो रही है? भाजपा विधारक ने कहा कि ममता बनर्जी पश्‍चिम बंगाल में टाटा कंपनी को जमीन मुहैरा कराने में विफल रही हैं। ऐसे में एक करोड़ बंगालिरों को वे कहां से जमीन दे पाएंगी। उन्हें असम की चिंता छोडक़र अपने राज्र की समस्राओं पर ध्रान देना चाहिए। कम से कम उससे राज्रवासिरों का भला होगा।