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गुवाहाटी, ०३ फरवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि उद्योग व्यापार के क्षेत्र में विनिवेश करने के लिए असम सबसे उपयुक्त स्थान है।

क्योंकि, यहां प्राकृतिक साधनों के साथ ही संसाधनों की प्रचुरता हैें साथ ही राज्य सरकार द्वारा उद्योग व्यापार के अनुकूल माहौल तैयार किया गया है। ये बातें प्रधानमंत्री ने शनिवार को राजधानी के सोरुसजाई स्टेडियम में आयोजित विश्व विनिवेश सम्मेलन ‘एडवांटेज असमङ्क के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कही।प्रधानमंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे द्वारा तीन दिन पहले से ही उपस्थित होकर इस आयोजन को सफल बनाने के लिए किए गए प्रयासों की प्रशंसा करते हुए की। उन्होंने कहा कि भूटान के साथ भारत की मित्रता कैसी है, यह इससे जाहिर होता है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के राज्य देश के विकास के इंजन हैं। आसियान देशों के साथ ही नेपाल, भूटान और बांग्लादेश के साथ हजारों-हजार साल का हमारा नाता है। इन देशों की राह असम और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों से होकर ही गुजरती है। उन्होंने कहा कि इंफ़ाल से गुवाहाटी और कोलकाता से पटना हमारे विकास की यात्रा को गति देगा। यह हमारे विकास का नया ऊर्जा केंद्र है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश ने सबसे पहले यहां गुवाहाटी में अपना वाणिज्य दूतावास स्थापित किया। उसके बाद भूटान ने भी किया। इससे जाहिर है कि हम सभी मिलकर एक नए विकास की राह की ओर आगे बढ़ रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते कुछ वर्षों से देश में हताशा व्याप्त हो गयी थी कि इस देश में कुछ बदल नहीं सकता है। लेकिन, अब हताशा की जगह हौसला ने ले लिया है। दोगुनी रफ्तार से सडक़ बनना, रेलवे लाइन बिछाना, रेलवे लाइनों का विद्युतीकरण होना शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि साढ़े तीन साल केंद्र द्वारा और डेढ़ वर्ष की असम सरकार द्वारा की गई कड़ी मेहनत का ही नतीजा है कि आज हम नई ऊर्जा के साथ इस मुकाम पर खड़े हो पाए हैं। उन्होंने कहा कि हमें ऐसी योजनाएं लागू करनी है, जिससे गरीब, निम्न वर्ग, मध्यम वर्ग आदि की जीवन दशा में बदलाव आ सके। ऐसी योजनाएं लानी है जो जीवन को आसान बनाए। आयुष्मान योजना की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि एक गरीब बीमारी को लेकर किस तरह परेशान होता है यह वे भलीभांति जानते हैं। यदि परिवार में एक व्यक्ति गंभीर रूप से बीमार हो गया तो उस परिवार की पूरी अर्थव्यवस्था चौपट हो जाती है। वर्षों-वर्षों तक वह आर्थिक संकट में फंस जाता है। उन्होंने कहा कि गरीबों की इसी परेशानी को ध्यान में रखते हुए १० करोड़ से ज्यादा परिवारों को आयुष्मान योजना के तहत बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि इसके तहत पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज सुनिश्चित हो सकेगा। इसका लाभ ५० करोड़ लोगों को प्राप्त हो सकेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की इस योजना को ध्यान में रखते हुए सभी राज्य नए हॉस्पिटल बनाने के लिए योजना बनाएं। स्वास्थ्य के क्षेत्र में सबसे बड़ी संभावनाएं पैदा होने जा रही है। उन्होंने कहा कि ३० हजार से ज्यादा जन औषधि केंद्रों पर ८०० से ज्यादा सस्ती दवाइयां बिक्री की जाएगी। नीम से बने उत्पादों की कीमत पर सरकार नियंत्रण कर रही है। ऐसी योजनाएं सरकार लागू कर रही है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के जीवन स्तर में सुधार हो सके।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत कृषि प्रधान देश है। साथ ही सभी आसियान देश भूटान, नेपाल, बांग्लादेश सभी कृषि प्रधान देश हैं। किसानों की उन्नति हमारे देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा सकती है। इसलिए हमने यह निर्णय लिया कि किसानों की आय को दोगुना करने के लिए सरकारी योजना बनाएंगे। इसके तहत खेती पर होने वाले खर्च को कम करना और फसलों की ऊंची कीमत मिलना, दोनों ही सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार १४ लाख करोड़ रुपए से ज्यादा कृषि और ग्रामीण क्षेत्र पर खर्च करने जा रही है। किसानों को कम से कम अपनी लागत का डेढ़ गुना मुनाफा सरकार सुनिश्चित करवाएगी। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध करवाने के लिए देश के २२ हजार हाट यानी ग्रामीण बाजारों को उन्नत बनाकर नेशनल इलेक्टड्ढॉनिक एग्रीकल्चर मार्केट के साथ जोड़ा जाएगा। बांस उद्योग को बढ़ावा देकर पूर्वोत्तर राज्यों के किसानों के लिए विशेष राहत देने की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ९० साल पहले बांस को वृक्ष की श्रेणी में लाकर इसे काटने, बेचने आदि पर लाइसेंस, परमिट की जरूरत लगा दी गई थी। जिस कारण इतने समय तक किसानों का, खासकर पूर्वोत्तर क्षेत्र के लोगों का नुकसान होता रहा। बांस घास की श्रेणी में आता है। केंद्र सरकार ने बांस को फिर से घास की श्रेणी में लाकर इसके काटने-बेचने पर लगी सभी पाबंदियों को हटा दिया है। इससे पूर्वोत्तर के विकास में बहुत ही लाभ पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि १३०० करोड़ रुपये खर्च करके नेशनल बंबू मिशन का पुनर्गठन किया जा रहा है। पूर्वोत्तर से जुड़े चीजों को बजट में विशेष स्थान दिया गया है।

खेती से जुड़े उत्पाद मसलन- मछली पालन, मधुमक्खी पालन, पशुपालन, मुर्गी पालन आदि के लिए ऋण मिलने में हमेशा ही दिक्कतें आती थी। इसलिए सरकार ने इन क्षेत्रों में ऋण देने के लिए एक विशेष इंफ्रास्टड्ढक्चर फंड बनाया है। इससे इन उद्योगों के लिए आसानी से कर्ज लिया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए ऋण मिलने को आसान बनाया गया है। गृह निर्माण क्षेत्र की उपलब्धियों को गिनाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले ३ वर्षों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र में एक करोड़ घर बनाए गए। अगले साल सरकार ने नए ५१ लाख घर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि न सिर्फ ग्रामीण क्षेत्र में बल्कि शहरी क्षेत्रों में भी मध्यम वर्ग को घर मिलने में जिससे आसानी हो इस तरह की योजना सरकार द्वारा लागू की गई है। साथ ही मध्यम वर्ग को गृह ऋण में भी भारी छूट प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि इससे रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश बढ़ा है। उन्होंने विदेश से आए हुए निवेशकों से अपील की कि वे इस क्षेत्र में विनिवेश करके अच्छा लाभ कमा सकते हैं। प्रधानमंत्री ने उज्ज्वला योजना की चर्चा करते हुए कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में सरकार क्रांति ला रही है। ४० से ४५ रूपये में एलईडी बल्ब लोगों को उपलब्ध करवा कर बिजली बिल में इससे भारी बचत करवाया गया है। उन्होंने कहा कि आशियान देशों में भी एलईडी बल्ब की मांग बढ़ रही है। इस क्षेत्र में भारतीय व्यापारियों के लिए के निर्यात की प्रचुर संभावना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि चाहे वह धोला से सादिया का पुल हो या अन्य बड़े-बड़े योजना- योजनाओं की रफ्तार बढ़ाई गई है। काम को तेजी से पूरा करवाया गया है। सरकार ने सुनिश्चित किया कि सभी योजनाएं अपने निर्धारित समय के अंदर पूरा हों। यही वजह है कि आज हम निर्धारित अवधि से पहले ही योजनाओं को पूरा करने की स्थिति में हैं।

उन्होंने उज्ज्वला योजना की चर्चा करते हुए कहा कि २०१९ तक पांच करोड़ गरीब महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन उपलब्ध करवाने की सरकार ने योजना हाथ में ली। जिसमें से ३ करोड़ ३० लाख महिलाओं को अब तक गैस कनेक्शन दिया गया। निर्धारित समय से आगे बढक़र योजनाओं को पूरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नए बजट में आठ करोड़ महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन देने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि नए उद्यमियों को नए रोजगार शुरू करने के अवसर मिलें इसके लिए सरकार ने मुद्रा योजना के तहत लोन लेने की प्रक्रिया को आसान कर दिया। यही वजह है कि ३ साल में तीन करोड़ नए इंटरप्रेनर अपने उद्योग स्थापित कर सके हैं। उन्होंने स्टार्ट अप इंडिया, स्टैंड अप इंडिया, श्रम कानूनों में सुधार, लघु एवं छोटे उद्योगों के लिए एमएसएमई के जरिए सुविधा देने आदि की चर्चा करते हुए देश के युवाओं से अपील की कि वे बढक़र आगे आएं और श्रमेव जयते का उद्घोष कर आगे बढ़ें। प्रधानमंत्री ने नए बजट में किए गए सुधारों के विभिन्न आयामों की चर्चा की और कहा कि इन सभी में बाधक जो चीज है वह कालाधन और भ्रष्टाचार है। इसे समाप्त करने के लिए सरकार ने ठान लिया है। उन्होंने कहा कि देश में किए जा रहे आर्थिक सुधारों की वजह से हमारा विदेशी मुद्रा का भंडार बढ़ा है। प्रधानमंत्री ने अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा शुरू किए गए प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना को पूरे किए जाने की समय सीमा २०२२ निर्धारित की गई थी। लेकिन, सरकार ने इसे २०१९ तक ही पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह सिर्फ गांव की सडक़ें ही नहीं बनाएगी, बल्कि ग्रामीण बाजारों, हॉस्पिटलों, स्कूलों आदि को भी सडक़ों से जोड़ा जाएगा। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में असम तक गैस पाइप लाइन बिछाने, गुवाहाटी स्थित लोकप्रिय गोपीनाथ बरदलै अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर नए टर्मिनल का निर्माण कराने, उड़ान योजना के तहत गुवाहाटी को दक्षिण पूर्व एशिया के देशों से जोड़ने, असम के पांच छोटे हवाई अड्डों को विकसित कर देश के अन्य हवाई अड्डों के साथ सीधे विमान सेवा संपर्क करवाने, पर्यटन के लिए ई-वीजा दिए जाने, गुवाहाटी में एक ग्यारह सौ करोड़ रुपये से एम्स हास्पिटल बनवाने आदि का जिक्र किया। इससे असम को तो लाभ होगा ही साथ ही इससे दक्षिण पूर्व एशिया के सारे देश आपस में जुड़ पाएंगे।

उन्होंने कहा कि ढांचागत विकास पूर्वोत्तर में सही तरीके से हो इसलिए सरकार ने सौ प्रतिशत केंद्रीय फंडिंग वाले इंफ्रास्टड्ढक्चर योजनाओं को मंजूरी दी है। आधारभूत ढांचा को विकसित करने के लिए किए जाने वाले कार्यों का पूरा धन केंद्र सरकार देगी। मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि उनके दमदार नेतृत्व की वजह से असम विकास का एक नया कीर्तिमान स्थापित करने जा रहा है। उन्होंने कहा कि सर्वानंद का मतलब- असम का आनंद है। उन्हें हृदय से बधाई देते हैं कि इतने कम समय में उन्होंने जिस प्रकार से दूरदर्शिता पूर्वक कार्य करके सबका ध्यान आकृष्ट कराया है- वह तारीफ के काबिल है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अष्टलक्ष्मी यंत्र पूर्वोत्तर राज्यों को कहा है। उन्होंने भूपेन हजारिका की एक कविता- ‘चिनगारी की तरह आगे बढ़नेङ्क का हवाला देते हुए कहा कि उन महापुरुषों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सभी को मिलकर आगे बढ़ना होगा। इस संकल्प सिद्धि की यात्रा में केंद्र सरकार अपनी योजनाएं पूर्वोत्तर भारत को ध्यान में रखकर बना रही है। उन्होंने असम के विकास के लिए ‘टड्ढांसफॉर्मेशन बाय टड्ढांसपोर्टेशनङ्क के सोनोवाल के नारे को दोहराया और कहा कि पूर्वोत्तर में रेल, रोड और हवाई संपर्क बढ़ाने के लिए सरकार विभिन्न स्तर पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही अगरतला से अखोड़ा के बीच के रेल मार्ग बनाने का काम पूरा होने वाला है। इससे पूर्वोत्तर राज्यों का बांग्लादेश के साथ सीधा जुड़ाव हो सकेगा। आसियान देशों से आए प्रतिनिधियों का धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा कि यह रिश्ता हजारों-हजार साल का हैें अब इस पुराने रिश्ते में नई शुरुआत का वक्त आ गया है।