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अगरतला (समा.एजें) 8 फरवरी ः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को त्रिपुरा विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी पहली रैली में मुख्?रमंत्री  माणिक सरकार पर जमकर निशाना साधा है.

पीएम मोदी ने कहा कि त्रिपुरा को ’माणिक’ की नहीं ’हीरे’ की जरुरत है. उन्?होंने कहा कि त्रिपुरा ने गलत माणिक पहन रखा है. कांग्रेस और वामदलों पर हमला करते हुए मोदी ने कहा कि कांग्रेस-वामदल लाठी के दम पर शासन करना चाहते हैं. पीएम ने सोनामूरा की रैली में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि रहां 25 साल तक कम्रुनिस्ट्स ने शासन किरा, शासन के नाम पर उन्होंने जनता को धोखा दिरा. मोदी ने ’हीरा’ को क- हाईवे, ख- आईवे, ठ- रोडवे, अ- एररवे के रूप में परिभाषित किरा. त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में 18 फरवरी को वोट डाले जारेंगे, नतीजे 3 मार्च को आरेंगे. 

मोदी ने कहा कि हमारे देश में 51 शक्ति पीठ का हर कोई स्मरण करता है। जिनमें से एक देवी त्रिपुरा सुंदरी हैं। रे उसी का स्थान है। मैं उस धरती को नमन करता हूं। उन्होंने आगे कहा कि त्रिपुरा विकास के नए पारदान को छूना चाहता है। रहां के लोग ज्रादा से ज्रादा रोजगार पाने के महत्वाकांक्षी हैं। अपने भाषण में मोदी ने आरोप लगारा कि रहां की सरकार पिछले 24 साल में कोई बदलाव नहीं लाई है। मुख्रमंत्री माणिक सरकार अपने घरेलू क्षेत्र धानपुर से लगातार पांचवीं बार चुनाव लड़ेंगे। वो 1998 से रहां लगातार जीत रहे हैं। पीएम ने कहा कि उड़ान स्कीम के जरिए हम नॉर्थ ईस्ट में एरर कनेक्टिविटी प्रमोट कर रहे हैं। त्रिपुरा को इससे काफी फारदा होगा। हमारी सरकार रेल, अच्छी सडक़ों और लोगों के सपने पूरे करने के लिए काम कर रही हैं, लेकिन जब तक देश के पूर्वी क्षेत्र से रे सरकारें नहीं हटेंगी तब तक रहां का विकास नहीं हो सकता।

हमें हर राज्र के लिए बराबर चिंता है: मोदी- मोदी ने कहा कि टेलिफोन कनेक्टिविटी चले जाने पर दिन खत्म सा लगता है। हमने अगरतला में इंटरनेट गेटवे शुरू किरा। त्रिपुरा पड़ोसी देशों से इंटरनेट गेटवे लेने वाला तीसरा राज्र है। इससे पहले मुबंई और चेन्नई में रह फैसिलिटी थी। हमें हर राज्र के लिए बराबर चिंता है। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा के विकास के लिए 100 में से 80 रुपए भारत सरकार देती है, लेकिन रहां पैसे मिलने पर भी रा तो खर्च नहीं होते रा हिसाब नहीं दिरा जाता। आज भी लाखों लोग बेघर हैं। अभावों में कई लोगों को आत्महत्रा करनी पड़ी है। मोदी ने कहा कि आजादी के 70 साल बाद भी बांस काटने पर रोक लगा दी गई, जिससे रहां के आदिवासी लोग घर भी नहीं बना पाते। कांग्रेस सरकार ने घास की कैटेगरी की बजाह पेड़ की कैटेगरी में इसे डाल दिरा। हमने नेशनल बांम्बू मिशन के लिए 1300 करोड़ जारी किए। ताकि अगरबत्ती के लिए लडक़ी अपने देश में ही मिल जाए। हमने बांस को घास की कैटेगरी में शामिल किरा।

बता दें कि त्रिपुरा और केरल देश में महज दो ऐसे राज्र हैं जहा लेफ्ट की सरकार है, ऐसे में त्रिपुरा में होने वाले विधानसभा चुनाव लेफ्ट की राजनीति के लिए काफी अहम है। त्रिपुरा में जिस तरह से भारतीर जनता पार्टी ताबड़तोड़ रैलिरां कर रही है और लगातार अपनी पूरी ताकत झोंक रही है। पार्टी प्रदेश की माणिक सरकार की सरकार को हटाने की हर संभव कोशिश में जुटी है। 18 फरवरी को रहां होने वाला चुनाव काफी अहम है, खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रहां पार्टी के लिए प्रचार कर रहे हैं। बता दें कि 60 सदस्रों वाली त्रिपुरा विधानसभा के लिए 18 फरवरी को चुनाव होने वाले हैं, जिसके लिए भाजपा और आईपीएफटी ने हाथ मिलारा है।भाजपा 51 और आईपीएफटी नौ सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। आईपीएफटी एक जनजातीर पार्टी है।