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लखनऊ.(समा एजे.).२८ दिस.: टिकट बंटवारे और पार्टी के फैसलों में लगातार अनदेखी से आहत मुख्यमंत्री अखिलेश यादव एक्शन के मूड में आ गए हैं। वे जल्द ही कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं।

पार्टी की जंग आर-पार की हो सकती है।

सुल्तानपुर से प्रत्याशी बनाए गए डॉ. संदीप शुक्ला को राजकीय निर्माण निगम के सलाहकार पद से और उनकी पत्नी डॉ. सुरभि शुक्ला को आवास विकास परिषद की उपाध्यक्ष पद से बर्खास्त कर अखिलेश ने इसके संकेत दे दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार को अपने आवास पर टिकट कटने वाले विधायकों, मंत्रियों व अन्य अन्य नेताओं की बैठक बुलाई है। ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि टिकट के बंटवारे में अपने खास समर्थकों की बलि के मुद्दे पर अखिलेश किसी भी हद तक जा सकते हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक एक विकल्प समानांतर प्रत्याशी उतारने का है। सपा विधायक दल का बहुमत अखिलेश यादव के साथ है।

लोकसभा व राज्यसभा के सपा सांसदों में ज्यादातर उनके समर्थक हैं। सपा के कई नेता चाहते हैं कि अखिलेश यादव आगे आएं और अपने प्रत्याशियों का एलान करें। इसके लिए जो भी तरीका हो सकता है, उसे अपनाया जाए। सपा में एक सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या पार्टी विभाजन के कगार पर खड़ी है? सपा मुखिया ने जिस तरह सीएम पर फैसला चुनाव बाद करने का एलान किया और टिकटों के बंटवारे में उन्हें दरकिनार किया है, उससे सपा के बड़े वर्ग में नाराजगी है। यह नाराजगी सपा के अंतर्विरोध को और बढ़ाएगी। सपा में बंटवारे की स्थिति पैदा हो सकती है। ऐसी स्थिति में पेश आने वाली कानूनी व अन्य पेचीदगियों पर विचार-मंथन चल रहा है।