Offcanvas Info

Assign modules on offcanvas module position to make them visible in the sidebar.

A A A

नई दिल्ली (समा.एजें) ७ जून : केंद्रीय चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए तारीखों की घोषणा कर दी है। भारत के राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव १७ जुलाई को होगा।

केंद्रीय चुनाव आयुक्त ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आगामी राष्ट्रपति चुनाव से जुड़ीं सारी अहम घोषणाएं कर दीं।  राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी का कार्यकाल २४ जुलाई को खत्म हो रहा है। चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस में जैदी ने कहा कि चुनाव आयोग १४ जून को राष्ट्रपति चुनाव का नोटिफिकेशन जारी करेगा। नामांकन करने की अंतिम तारीख २८ जून होगी। नामांकन की स्क्रूटनी के लिए २९ जून की तारीख तय की गई है। चुनाव आयुक्त ने बताया कि नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि १ जुलाई होगी। राष्ट्रपति चुनाव के लिए पोल आवश्यक हुआ तो १७ जुलाई को वोट डाला जाएगा। मतगणना २० जुलाई को होगी। सुबह १० बजे से शाम ५ बजे तक वोटिंग का समय तय किया गया है। चुनाव आयुक्त ने स्पष्ट कर दिया कि कोई भी राजनीतिक दल अपने संसद सदस्यों या विधायकों को कोई भी विप जारी नहीं कर सकता है।

एन डी ए ने पहले देश को एपीजे अब्दुल कलाम के रूप में सबसे अच्छा राष्ट्रपति दिया था. इस बार भी हम मोदी सरकार से ऐसी ही उम्मीद करते हैं. मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए एक खास निर्वाचक पेन का इस्तेमाल किया जाएगा। दूसरे पेन का इस्तेमाल करने पर वोट अवैध मान लिया जाएगा। चुनाव आयोग इस खास पेन की सप्लाई करेगा। राष्ट्रपति पद के चुनाव में नरेंद्र मोदी की अगुआई वाले एनडीए का पलड़ा विपक्ष की तुलना में भारी नजर आ रहा है। वोट शेयर के मामले में एनडीए को कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष से तकरीबन १५ फीसदी बढ़त हासिल है। मौजूदा राजनीतिक समीकरणों के आधार पर किया गया आकलन तो यही दिखा रहा है। ईटी के एक मोटे आकलन के मुताबिक, एनडीए (२३ पार्टियों के सांसद और राज्यों के सदनों में जनप्रतिनिधि) के पास राष्ट्रपति चुनाव से संबंधित इलेक्टोरल कॉलेज में तकरीबन ४८.६४ फीसदी वोट हैं। इसके उलट, राज्य या केंद्र में राजनीतिक समीकरणों के आधार पर कांग्रेस की अगुआई वाले विपक्ष के साथ जाने वाली २३ राजनीतिक पार्टियों का वोट शेयर ३५.४७ फीसदी बैठता है। विपक्ष का यह कुनबा न सिर्फ वोट शेयर के मामले में एनडीए से काफी पीछे है, बल्कि केवल बीजेपी के वोट से भी कम है। विपक्ष के ३५.४७ फीसदी वोट शेयर के मुकाबले बीजेपी के पास इस इलेक्टोरल कॉलेज में ४० फीसदी वोट हैं।