Offcanvas Info

Assign modules on offcanvas module position to make them visible in the sidebar.

A A A

नई दिल्ली (समा.एजें) १७ जुलाई :. देश के १४वें राष्ट्रपति के चुनाव के लिए मतदान खत्म हो गया है. २० जुलाई को चुनाव के नतीजे की घोषणा की जाएगी.

पीएम मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने संसद में बने मतदान केंद्र में अपना वोट डाला. इनके अलावा भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी समेत कई केंद्रीय मंत्रियों और सांसदो ने भी मतदान किया. वहीं उत्तर प्रदेश में सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी वोट डाला. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी अपना वोट डाला. नए राष्ट्रपति के चुनाव में एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद और विपक्षी उम्मीदवार मीरा कुमार के बीच सीधा मुकाबला है इसके लिए कुल ३२ मतदान केंद्रों पर वोट डाले गए  हैं. वहीं अलग-अलग राज्यों के विधानसभाओं में मुख्यमंत्रियों और विधायकों ने भी अपना वोट डाला. गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फणनवीस, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह,मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान  ने अपने-अपने राज्य में वोट डाला. वोट डालने के लिए जाने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने मीडिया से बातचीत में कहा, ङ्कगर्मी के बाद पहली वर्षा एक नई सुगंध मिट्टी में भर देती है. जीएसटी की सफल वर्षा के कारण पूरा सत्र नई सुगंध और नई उमंग से भरा हुआ होगा. जब देश के सभी राजनीतिक दल, सभी सरकारें सिर्फ और सिर्फ राष्ट्रहित के तराजू पर तोलकर फैसला करती हैं, तो कितना महत्वपूर्ण राष्ट्रहित का काम होता है, वह जीएसटी में सफल और सिद्ध हो चुका है.

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री वेंकैया नायडू ने भी रामनाथ कोविंद की जीत की उम्मीद जताते हुए कहा, रामनाथ कोविंद जी अच्छे  और सम्मानजनक अंतर से जीतेंगे. वहीं बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने कहा है कि राष्ट्रपति चुनाव में कोई भी जीते लेकिन अगला राष्ट्रपति अनुसूचित जाति से होगा और ये हमारे आंदोलन और पार्टी की बड़ी जीत है. आपको बता दें कि संसद तथा विधानसभाओं में मतदान सुबह १० बजे शुरू हो गया था जो शाम पांच बजे खत्म हुआ. २० तारीख को परिणाम आएंगे. सांसदों ने संसद में और विधायकों ने अपने राज्यों की विधानसभा में वोट डाला. चुनाव के लिए सांसदों को ङ्कहराङ्क और विधायकों को ङ्कगुलाबीङ्क मतपत्र दिया गया. इन चुनावों में लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य तथा राज्य विधानसभाओं के सदस्य मतदाता होते हैं. इस चुनाव में एनडीए का पक्ष भारी लग रहा है लेकिन विपक्ष अपने उम्मीदवार के समर्थन में कुछ क्षेत्रीय दलों का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है

६० फीसद मतों के साथ कोविंद की जीत तय है. चूंकि राष्ट्रपति चुनाव के लिए व्हिप जारी नहीं किया जाता है, इसलिए चुनाव में क्रॉस वोटिंग होने की भी संभावना है. माना जा रहा है कि कोविंद राजग के बाहर से मिले वोटों के दम पर प्रणब मुखर्जी से ज्यादा मतों के साथ चुनाव जीत सकते हैं. साल २०१२ के चुनाव में प्रणब ने ६९ फीसद वोट हासिल कर अपने प्रतिद्वंद्वी पीए संगमा को हराया था. मौजूदा राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल इस साल २४ जुलाई को पूरा हो रहा है. अब तक मुखर्जी समेत १३ लोग इस पद पर रह चुके हैं. इन चुनावों में कुल ४८९६ मतदाता-४१२० विधायक और ७७६ सांसद - अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिये पात्र हैं. राज्यों की विधान परिषद के सदस्य इस चुनाव में हिस्सा नहीं लेते हैं.लोकसभा अध्यक्ष जहां इस चुनाव में मत डाल सकता है वहीं एंग्लो-इंडियन समुदाय से लोकसभा में नामित होने वाले दो सदस्यों को मतदान का अधिकार नहीं होता है. राज्यसभा के भी १२ नामित सदस्य इन चुनावों में मतदान के अयोग्य होते हैं. यह चुनाव क्योंकि गोपनीय मतपत्र के जरिये होता है इसलिये पार्टियां अपने सदस्यों को किसी खास उम्मीदवार के पक्ष में मत डालने के लिये व्हिप जारी नहीं कर सकतीं. बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए के पास शिवसेना को मिलाकर कुल ५,३७,६८३ वोट हैं और उसे करीब १२००० और मतों की जरूरत है. हालांकि बीजद, टीआरएस और वाईएसआर कांग्रेस से समर्थन के वादे और एआईएडीएमके के एक धड़े से समर्थन की संभावना राष्ट्रपति चुनावों में वोटों की कमी के अंतर को पूरा कर सकती है. चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रीकर समेत ५५ सांसदों को राज्य विधानसभाओं में वोट डालने की इजाजत मिली. इनमें १४ राज्यसभा और ४१ लोकसभा के सदस्य हैं. इसके अलावा पांच विधायकों ने संसद भवन स्थित मतदान केंद्र में वोट डाला।