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नयी दिल्ली.(समाएजें) ११ अगस्त : उपराष्ट्रपति पद के लिए वेंकैया नायडू ने शपथ ले ली है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई.

राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में शपथ ग्रहण कार्यक्रम हुआ. उस समय पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह समेत सभी बड़े नेता मौजूद थे. वह आज सवेरे सबसे पहले राजघाट पहुंचे और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की थी. इसके बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही में सभापति के तौर पर हिस्सा लिया. पीएम नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में कहा कि वेंकैया नायडू सदन की हर बारीकी से परिचित हैं. वह ऐसे सभापति हैं जिन्हें सदन की कार्यवाही की पूरी जानकारी है. सार्वजनिक जीवन में वह जेपी आंदोलन की वह पैदाइश हैं. उस समय जो आंदोलन चला वह आंध्र प्रदेश में युवा नेता के तौर पर आगे बढक़र नेतृत्व करते दिखाई दिए. कई वर्षों तक मुझे उनके साथ काम करने का मौका मिला.पीएम ने आगे कहा कि वेंकैया नायडू आजाद भारत में जन्म लेने वाले पहले उपराष्ट्रपति हैं. वह किसान के बेटे हैं और कई साल तक उनके साथ काम करने का मौका मिला. शहरी विकासमंत्री रहते हुए भी उन्हें किसानों की चिंता रहती थी. इसमें कोई शक नहीं कि आज सभी समान्य लोगों का बड़े संवैधानिक पदों पर पहुंचना लोकतंत्र की ताकत है. 

एम वेंकैया नायडू ने देश के १३वें उपराष्ट्रपति पद के रूप में शुक्रवार को शपथ ली. शपथ ग्रहण समारोह में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पीएम नरेंद्र मोदी , पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह सहित कई मंत्री और नेता मौजूद थे. शपथ ग्रहण के पहले नायडू राजघाट पहुंचे और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की. फिर दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर दीनदयाल की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. उन्होंने पटेल चौक पर सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया और उसके बाद शपथ ग्रहण के लिए राष्ट्रपति भवन पहुंचे. जहां राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नाडयू को उपराष्ट्रपति पद की शपथ दिलायी. शपथ ग्रहण के बाद अब वे संसद भवन जायेंगे जहां संसदीय कार्यमंत्री और राज्यमंत्री उनका स्वागत करेंगे. वेंकैया नायडू यहां पर भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे. ११ बजे वह सदन में प्रवेश कर जाएंगे. आपको बता दें कि भैरो सिंह शेखावत के बाद वेंकैया नायडू आरएसएस पृष्ठभूमि के दूसरे उपराष्ट्रपति हैं. उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी विपक्ष के उम्मीदवार गोपाल कृष्ण गांधी को दोगुणे से अधिक वोटों से हराया. वेंकैया नायडू आंध्रप्रदेश के नेल्लूर के रहने वाले हैं. वे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं और वाजपेयी युग से ही संगठन में अहम भूमिका निभाते रहे हैं. वेंकैया के पास जबरदस्त संगठन कौशल है और अपने हास्य-व्यंग के लिए वे मशहूर रहे हैं.

वेंकैया नायडू का जन्म १ जुलाई, १९४९ को आंध्रप्रदेश के नेल्लोर जिले में हुआ.नेल्लोर से स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद वहीं से राजनीति में स्नातक किया. विशाखापट्टनम के लॉ कॉलेज से अंतरराष्ट्रीय कानून में डिग्री ली. कॉलेज के दौरान ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़ गए. नायडू पहली बार १९७२ में जय आंध्रा आंदोलन से सुर्खियों में आए. १९७५ में इमरजेंसी में जेल भी गए थे. -१९७७ से १९८० तक यूथ विंग के अध्यक्ष रहे. महज २९ साल की उम्र में १९७८ में पहली बार विधायक बने. १९८३ में भी विधानसभा पहुंचे और धीरे-धीरे राज्य में भाजपा के सबसे बड़े नेता बनकर उभरे. बीजेपी के विभिन्न पदों पर रहने के बाद नायडू पहली बार कर्नाटक से राज्यसभा के लिए १९९८ में चुने गए. इसके बाद से ही २००४, २०१० और २०१६ में वह राज्यसभा के सांसद बने.