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इंदौर (समा.एजे) १६ अगस्त :. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के सरकार्यवाहक भैयाजी जोशी ने कहा कि देश के बाजार में चीन अंदर तक घुस गया है।

हमारे जीवन में उसकी घुसपैठ हो रही है। हमें चीन की आर्थिक गुलामी से बचने का व्यवहार करना होगा। जोशी आज यहां स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि स्वदेशी के भाव से देशभक्ति का प्रकटीकरण होता है। हम आधुनिकता के विरोधी न बनें, पर विदेशी का बहिष्कार करें। स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग, स्वदेशी का आचरण और स्वदेशी का व्यवहार हमारा हो। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर झंडा रोहण कार्यक्रम के पश्चात आरएसएस कार्यकर्ताओ पर बड़ी संख्या में उपस्थित महाविद्यालयीन विद्यार्थी को श्री जोशी ने संबोधित करते हुए आजादी के ७० वर्षो में भारत के विकास क्रम के परिपेक्ष्य में कहा हमे अनेक बलिदानों के पश्चात देश को स्वतंत्रता मिली हैं। स्वतंत्रता के पश्चात हम अनेक क्षेत्रों में आगे बढ़े हैं। स्वतंत्रता के पश्चात ही हमने ५ युद्ध भी लड़े हैं। उन्होंने देश कि सीमाओं पर जारी तनाव पर परोक्ष रूप से आगाह करते हुए कहा कि प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष आघातों से सदैव सावधान रहना पड़ता है। समाज आघातों को झेलते हुए आगे बढ़ता जा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों, युवाओ को आजादी का महत्व बताते हुए कहा हम सभी का जन्म लगभग १९४७ के पश्चात हुआ। हमने अत्याचार नहीं देखे। देश के लिए मरना-मिटना हमको नहीं मालूम हैं। फिर भी, कुछ न करते हुए भी, हम स्वतंत्र देश के नागरिक हैं। जिन्होंने बलिदान दिए वह चले गए, उन्होंने स्वतंत्रता का आनंद नहीं देखा। वे स्वतंत्रता का आनंद नहीं ले सके। लेकिन हम आनंद ले रहे हैं। उन्होंने युवाओं से आव्हान किया कि हम चलने वाली प्रक्रियाओं के अंग बनें। प्रगति, भविष्य, व्यवसाय यह सब चलता है। सब कुछ ठीक है। हम देश की प्रगति में योगदान देने वाले बनें। देश के प्रति उदासीन होने से देश का भविष्य अंधकार में रहता है। देश के स्वतंत्रता दिवस पर भारत माता की जय बोल लेना पर्याप्त नहीं हैं। श्री जोशी ने कहा अपने देश की विशेषता और अपने समाज की विशेषता के प्रति स्वाभिमान का भाव रखना चाहिए। कई प्रकार की देश विरोधी गतिविधियां चलती हैं, हम उनको समझने वाले बनें। उन्होंने कहा हम संकल्प करें कि हम देश हित में काम करेंगे और देश हित में ही बोलेंगे। उन्होंने कहा कि देश के नागरिक महापुरुषों का स्मरण करें और उनके जीवन से प्रेरणा प्राप्त करें। व्यक्तिगत और सामूहिक जीवन की दिशा उनके जीवन से प्रेरणा लेकर तय करें।