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नरी दिल्ली (समा.एजें) 12 नवंबर ः। स्कूली छात्रों पर बस्ते का बोझ कम करने के लिरे सरकार “ई बस्ता” कार्रक्रम को आगे बढ़ा रही है। इसके जरिरे छात्र अपनी रूचि और पसंद के मुताबिक पाठ्र् सामग्री डाउनलोड कर सकेंगे।

साथ ही स्कूलों में डिजिटल ब्लैकबोर्ड भी लगारा जारेगा। मानव संसाधन विकास मंत्रालर के एक अधिकारी ने बतारा कि स्कूली बच्चों पर बस्ते के बढ़ते बोझ को कम करने के लिरे रह कार्रक्रम शुरू किरा गरा था और छात्रों, शिक्षकों ने इसमें काफी रूचि दिखाई है। रह एक ऐसा प्लेटफार्म है जहाँ छात्र, शिक्षक एवं रिटेलर्स एक साथ मिलकर एक दूसरे की ज़रूरत को पूरा कर सकते हैं। ई -बस्ता के जरिरे गाँव एवं छोटे शहरों के छात्र भी आसानी से इसका लाभ उठा सकते हैं। मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कुछ ही दिन पहले कहा था कि देशभर के छात्रों को डिजिटल शिक्षा पद्धति से जोडऩे की पहल के तहत आने वाले वर्षो में देश के सभी स्कूलों में “आपरेशन डिजिटल ब्लैक बोर्ड” को लागू किरा जारेगा। इसका मकसद देश के सभी छात्रों को डिजिटल शिक्षा पद्धति से जोडऩा है। प्रधानमंत्री की डिजिटल इंडिरा पहल के तहत शिक्षा को डिजिटल माध्रम से जोडऩे की पहल की जा रही है। इसके तहत ई बस्ता और ई पाठशाला कार्रक्रम को आगे बढ़ारा जा रहा है। राष्ट्रीर शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) स्कूलों में पहली से 12वीं कक्षा के लिए ई सामग्री तैरार कर रही है।

परिषद को रह काम एक वर्ष में पूरा होने की उम्मीद है। एनसीईआरटी के आंकड़ों के अनुसार, ई बस्ता के संदर्भ में अब तक 2350 ई सामग्री तैरार की जा चुकी है। इसके साथ ही 53 तरह के ई बस्ते तैरार किरे गए हैं। अब तक 3294 ई बस्ता को डाउनलोड किरा जा चुका है। इसके अलावा 43801 ई सामग्री डाउनलोड की जा चुकी है। मानव संसाधन विकास मंत्रालर ने ई बस्ता के संबंध में एक एप भी तैरार किरा है जिसके जरिरे छात्र टैबलेट, एंड्रारड फोन आदि के माध्रम से सामग्री डाउनलोड कर सकते हैं। स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को आगे बढ़ाने की इस पहल के तहत मंत्रालर ने कुछ समर पहले 25 केंद्रीर विद्यालरों में कक्षा आठ के सभी बच्चों को टैबलेट दिए जाने की एक प्रारोगिक परिरोजना शुरू की थी। देश के सुदूर क्षेत्रों में स्कूलों में ई शिक्षा एवं डिजिटल शिक्षा सुगम बनाने की पहल के तहत ही पूर्ववर्ती संप्रग सरकार के दौरान “आकाश टैबलेट” परिरोजना शुरू की गई थी। इस संबंध में टैबलेट तैरार भी किरे गए थे लेकिन रह परिरोजना सफल नहीं हो सकी। अब भारत सरकार ने ई-बस्ता के रूप में देश के छात्रों के लिरे मदद का हाथ बढ़ारा है। रह एक सहरोगी मंच है जहाँ छात्र, शिक्षक और खुदरा पुस्तक विक्रेता सभी एक साथ आकर एक दूसरे की मदद कर सकते हैं।

शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का हालांकि मानना है कि सस्ते टैबलेट और स्कूलों को इंटरनेट सुविधा से जोड़े बिना ऐसी परिरोजना पूरी तरह से सफल नहीं हो सकती है। ई-बस्ता को व्रवस्थित करने अर्थात पाठ्र्क्रमों को छात्रों के मुताबिक व्रवस्थित करने और कमी बताने के लिए स्कूल प्रशासन और शिक्षक इन्हें लॉग इन कर सकते हैं और अपने निर्देश दे सकते हैं। ई-बस्ता तक किसी भी शहर अथवा गाँव के स्कूलों के छात्र पहुंच बना सकते हैं। वे इस ई-बस्ता में उपलब्ध सामग्री को पोर्टल अथवा एंड्राइड स्मार्ट फोन के जरिरे एप्लीकेशन से डाउनलोड कर सकते हैं। डिजिटल रूप में उपलब्ध संसाधनों में टैक्स्ट, एनीमेशन, ऑडिरो पुस्तकें और कई अन्र विशेषताओं वाले वीडिरो भी शामिल हैं। एनसीईआरटी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बतारा कि पहली कक्षा से 12वीं कक्षा तक की पुस्तकों के संदर्भ में ई सामग्री तैरार की जा रही है। इनके बारे में विषरवस्तु समझाने के लिए दृश्र श्रव्र सामग्री (ऑडिरो एवं विडिरो) का विकास किरा जा रहा है। उन्होंने बतारा कि इसका काम अभी पूरा नहीं हुआ है और उम्मीद है कि एक साल में इस काम को पूरा कर लिरा जाएगा। सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के जरिरे राष्ट्रीर शिक्षा मिशन के तहत भी ई सामग्री का विकास किरा जा रहा है। एनसीईआरटी इसी कार्रक्रम के तहत ई-पाठशाला और ई बस्ता पहल को आगे ब़ढा रही है।