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गुवाहाटी (समाचार एजेंसी)ः कृषक मुक्ति संग्राम समिति (केएमएसएस) ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार  सिर्फ 28 एसीएस और एपीएस अधिकारियों को गिरफ्तार कर असम लोकसेवा आयोग (एपीएससी) के घोटाले के खिलाफ अभियान का समेटन की कोशिश कर रही है।

केएमएसएस के प्रचार सचिव रातुल हुसैन ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार पहले तीन और अब 25 एसीएस और एपीएस अधिकारियों को गिरफ्तार कर नोट के बदले नौकरी के मामले को समेटने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार असम लोकसेवा आयोग (एपीएससी) को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के नाम पर मुख्य आरोपी राकेश कुमार पाल और उनके सहयोगियों को जमानत की सहूलियत प्रदान कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि एपीएससी घोटाले के मुख्य आरोपी पाल सहित कई लोगों को जमानत  मिल चुकी है। वहीं भागांगढ़ थाने में दर्ज दूसरे मामले में गिरफ्तार पाल को  जमानत दिलाने की व्यवस्था की जा रही है। केएमएसएस ने मांग की कि एपीएससी घोटाले की जांच सिर्फ 2013 तक ही नहीं, बल्कि राकेश पाल की अध्यक्षता वाली सभी परीक्षाओं की जांच होनी चाहिए। संगठन ने आरोप लगाया कि राकेश पाल ने 2013 में नहीं, बल्कि अपने अध्यक्षकाल के दौरान सभी परीक्षाओं में पैसे लेकर नौकरी बांटी हैं। इसलिए पुलिस सभी परीक्षाओं की जांच करे। साथ ही एपीएससी घोटाले में शामिल राजनेता और छात्र नेता की भी जांच होनी चाहिए। केएमएसएस ने आरोप लगाया कि एपीएससी घोटाले में पूर्व मंत्री गौतम राय, आसूं के मुख्य सलाहकार डां. समुज्ज्वल भट्टाचार्य, केंद्रीय मंत्री राजेन गोहाईं, सांसद आरपी शर्मा सहित कई बड़ी हस्तियों के नाम शामिल हैं। समिति ने राज्य सरकार से इनके खिलाफ भी जांच कराये जाने की मांग की है। इसके अलावा समिति ने कहा है कि एपीएस अधिकारी पुष्कल गोगोई, सुकन्या दास, अमृत ज्योति शर्मा, की उत्तर पुस्तिका भी जांच होनी चाहिए।