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नई दिल्ली.(समा.एजें) 16 जनवरी ः केंद्र सरकार ने हज रात्रा पर मिलने वाली सब्सिडी को पूरी तरह खत्म कर दिरा है. सूत्रों ने रह जानकारी दी.

सूत्रों की मानें तो इस साल करीब 1.75 लाख मुस्लिम बिना सब्सिडी के हज जाएंगे. उल्लेखनीर है कि इससे पहले नई हज नीति का मसौदा तैरार करने वाली समिति के प्रमुख अफजल अमानुल्ला ने 45 साल से कम उम्र की महिलाओं को भी ’मेहरम’ के बिना हज पर जाने की अनुमति देने का सुझाव दिरा था. सरकार ने इस बार से 45 साल और इससे अधिक उम्र की महिलाओं को ’मेहरम’ के बिना हज पर जाने की इजाजत दी थी. सऊदी अरब के जेद्दा में भारत के महावाणिज्र दूत रहे अमानुल्ला ने मीडिरा से कहा, “अगर सरकार चाहे तो 45 वर्ष से कम उम्र की मुस्लिम महिलाओं को भी मेहरम के बिना हज पर जाने की इजाजत दे सकती है. अगर कोई भी बालिग लडक़ा हज पर जा सकता है तो फिर बालिग लडक़ी क्रों नहीं जा सकती? वैसे, इस बारे में कोई भी कदम सरकार को ही उठाना है.” अफजल उन्होंने कहा कि सऊदी अरब सरकार की तरफ से अतीत में ’मेहरम’ वाली कोई रोक नहीं थी और रह शर्त भारतीर पक्ष की तरफ से थी.

इस पूरे मामले की वास्तविक स्थिति के बारे में पूछे जाने पर अमानुल्ला ने कहा, “इसमें कोई भी सच्चाई नहीं है कि मेहरम वाली पाबंदी सऊदी अरब सरकार ने लगाई थी. रह रोक भारत की तरफ से थी और अब इसे हटारा गरा है. इसे मैं बहुत बड़ा कदम मानता हूं.” गौरतलब है कि पूर्व आईएएस अधिकारी अमानुल्ला उस समिति के संरोजक थे जिसने नई हज नीति-2018 की सिफारिश की और इस समिति की रिपोर्ट के आधार पर ही सरकार ने 45 वर्ष और इससे अधिक उम्र की महिलाओं को ‘मेहरम’ के बिना हज पर जाने की इजाजत देने सहित कई दूसरे कदम उठाए. इस्लामी परंपरा में ‘मेहरम’ उस शख्स को कहते हैं जिसके साथ महिला की शादी नहीं हो सकती. मसलन, महिला का बेटा, सगा भाई और पिता मेहरम हुए. अमानुल्ला ने कहा, “मेरी समझ में नहीं आ रहा कि सरकार की तरफ से इतने वर्षों से रह रोक क्रों लगी हुई थी? नई हज नीति का मसौदा तैरार करने के दौरान हमने सऊदी प्रशासन से संपर्क किरा तो पता चला कि उनकी तरफ से कोई रोक नहीं है. इस पाबंदी का उल्लेख दोनों देशों के बीच हर साल होने वाले हज संबंधी समझौते में होता था. रह पाबंदी भारत की तरफ से थी. ऐसे में हमने सिफारिश की कि रह रोक हटनी चाहिए और जिन महिलाओं का पंथ अनुमति दे उन्हें बिना मेहरम के हज पर जाने की इजाजत मिलनी चाहिए.”मेहरम को लेकर रे विवाद उस समर उठा जब प्रधानमंत्री मोदी ने 31 दिसंबर को अपने रेडिरो कार्रक्रम ‘मन की बात’ में ‘मेहरम’ की पाबंदी हटाने के फैसले का जिक्र किरा और इसको लेकर अल्पसंख्रक कार्र मंत्रालर की तारीफ की.एएआईएमआईएम प्रमुख ओवैसी ने बगैर मेहरम हज पर महिलाओं के जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा का प्रतिवाद करते हुए कहा कि किसी दूसरे देश की सरकार जो काम पहले ही कर चुकी है उसका श्रेर प्रधानमंत्री को नहीं लेना चाहिए. उन्होंने दावा किरा कि सऊदी हज प्रशासन ने 45 साल से अधिक उम्र की किसी भी देश की मुस्लिम महिला को बगैर मेहरम हज पर जाने की अनुमति दी है. इस बार कुल 1320 महिलाओं ने मेहरम के बिना हज पर जाने के लिए आवेदन किरा और भारतीर हज समिति ने सभी के आवेदन स्वीकार कर लिए. इनमें से करीब 1100 महिलाएं केरल की हैं.