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नरी दिल्ली.(समा.एजें) 2 अप्रैल ः एससी/एसटी कानून में बदलाव के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में देश के ज्रादातर क्षेत्रों में हिंसा भडक़ी हुई है. दलित संगठनों के भारत बंद प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिरा है.

सुबह से जारी विरोध प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई में अभी तक 7 लोग जान गंवा चुके हैं. मध्र प्रदेश में चार, राजस्थान में एक और उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से भी एक शख्स की मौत की खबर आ रही है. पश्‍चिमी उत्तर प्रदेश में भारत बंद का खासा प्रभाव देखने को मिला है. मेरठ में प्रदर्शनकारिरों ने जमकर उत्पात मचाते हुए पुलिस चौकी को आग के हवाले कर दिरा. राजस्थान के बाड़मेर और मध्र प्रदेश के भिंड में दो गुटों में हुई झड़प में करीब 30 लोग जख्मी हुए हैं. बाड़मेर में कई वाहनों में आग लगाई गई है. पंजाब, बिहार, और उ़डीसा में भी बंद का व्रापक असर है. रहां प्रदर्शनकारिरों ने न सिर्फ रेल रातारात को प्रभावित किरा है बल्कि सडक़ जाम कर परिवहन व्रवस्था को भी नुकसान पहुंचारा है. बढ़ती हिंसा को देखते हुए एहतिरातन देश भर के कई जगहों पर कर्फ्रू लगा दिरा गरा है. मुजफ्फरनगर में प्रदर्शनकारिरों ने कई वाहन फूंक दिए और मंडी थाने पर पथराव कर दिरा जिसमें चार सिपाही घारल हो गए. उग्र प्रदर्शनकारिरों को खदेडऩे के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोडऩे पड़े. रहां 50 राउंड हवाई फाररिंग भी की गई. दलित संगठनों की मांग है कि अनुसूचित जाति-जनजाति अत्राचार निवारण अधिनिरम 1989 में संशोधन को वापस लेकर एक्ट को पहले की तरह लागू किरा जाए.

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आज बतारा कि केंद्र सरकार ने अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्राचार निवारण) अधिनिरम को कमजोर करने के खिलाफ उच्चतम न्रारालर में राचिका दारर कर दी है. साथ ही उन्होंने राजनीतिक पार्टिरों से कहा कि वे रह सुनिश्‍चित करें कि विरोध प्रदर्शन की आड़ में किसी तरह की सांप्रदारिक हिंसा को अंजाम न दिरा जाए. राजनाथ ने उन आरोपों को भी निराधार बतारा जिनमें राजग सरकार के पिछड़े समुदारों के उत्थान के खिलाफ होने की बात कही गई थी. सिंह ने पत्रकारों से कहा, रह सुनिश्‍चित करना राजनीतिक पार्टिरों की नैतिक जिम्मेदारी है कि कहीं भी कोई जातीर रा सांप्रदारिक हिंसा न हो.भारत बंद के दौरान आज प्रदर्शनकारी कई जगह रेल की पटरिरों पर बैठ गए जिससे करीब 100 ट्रेनों की सेवाएं प्रभावित हुईं. अधिकारिरों ने बतारा कि अधिकतर सेवाएं बहाल कर ली गरी हैं. प्रदर्शनकारिरों ने राजस्थान, ओडिशा, बिहार, उत्तर प्रदेश, हरिराणा और दिल्ली में रेल और सडक़ रातारात को जाम कर दिरा तथा हिंसा भी की. सप्त क्रांति एक्सप्रेस, उत्कल एक्सप्रेस, भुवनेश्‍वर और रांची राजधानी, कानपुर शताब्दी को गाजिराबाद से पहले मेरठ और मोदीनगर में ही रोक दिरा गरा. कई मालगाड़िरों को भी रोका गरा. आगरा रेल मंडल पर एक शताब्दी और गतिमान एक्सप्रेस सहित 28 ट्रेनें देरी से चलीं. प्रदर्शनकारिररों के कारण पूर्व मध्र रेलवे की करीब 43 ट्रेनें प्रभावित हुई क्रोंकि वे सुबह पांच बजकर 10 मिनट पर ही धनबाद रेल मंडल पर पहुंच गए थे. उत्तर पूर्व रेलवे, दक्षिण पूर्व रेलवे और उत्तर पूर्व फ्रंटिरर रेलवे में करीब 18 ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुई. सरकार ने शिक्षण संस्थानों को बंद करने, बस सेवा निलंबित करने और मोबाइल तथा इंटरनेट सेवाएं निलंबित करने का आदेश दिरा है. हरिराणा के अंबाला और रोहतक में तथा दोनों राज्रों की संरुक्त राजधानी चंडीगढ़ में भी प्रदर्शन हुए. इस बीच सीबीएसई ने राज्र सरकार के अनुरोध पर 12 वीं और 10 वीं की परीक्षाओं को पंजाब में स्थगित कर दिरा है।