Offcanvas Info

Assign modules on offcanvas module position to make them visible in the sidebar.

A A A

राजेन ग्वाला, पाथरकांदी, 30 नवम्बर ।  करीमगंज जिले के पाथरकांदी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधारक व वरिष्ठ भाजपा नेता मधुसूदन तिवारी का गुरुवार तड़के दो बजे निधन हो गरा। तिवारी जी भाजपा के टिकट पर 1991-1996 तक विधरक रहे। वे ऐसे समर में विधारक चुने गए थे जब भाजपा के टिकट पर कोई चुनाव ल़डने को तैरार नहीं होता था। वह मूल रूप से करीमगंज जिले के कलकीघाट गांव के रहने वाले थे। प़ढाई समाप्त कर अपने कर्म जीवन की शुरुआत प्राइमरी शिक्षक के रूप में की। वे एक निष्ठावान शिक्षक के रुप में लोकप्रिय थे। अयोध्या आंदोलन में विश्‍वहिन्दु परिषद के कार्यकर्ता के रूप में पाथरकांदी सहित पूरे करीमगंज जिले में उनके भाषण की धूम मच गयी थी। उनकी लोकप्रियता को देखते हुए भाजपा नेता कवीन्द्र पुरकायस्थ व वंशीलाल सोनी ने उनसे 1991 में भाजपा से विधानसभा चुनाव लड़ने का अनुरोध किया, वे चुनाव लड़े और विजयी हुए। पांच वर्ष उनका कार्यकाल बेदाग था। वास्तव में वे राजनीतिज्ञ कम, आदर्श शिक्षक ज्यादा थे। राजनीति उन्हें रास नहीं आयी और धीरे-धीरे वे निष्क्रिय हो गये। वे दमा के रोग से पीड़ित थे, कई वर्षो से बीमार चल रहे थे। 

मधुसूदन तिवारी के निधन पर भाजपा के वरिष्ठ नेता कवीन्द्र पुरकायस्थ ने कहा कि उन्होेंने सम्पूर्ण जीवन सत्यनिष्ठा से काम किया, उनके निधन पर मैं ईश्‍वर से उनकी आत्मा की सद्गति की कामना करता हूँ, उनके परिवार के प्रति हार्दिक संवेदना ज्ञापित करता हूँ। भाजपा के पाथरकांदी से विधायक कृष्णेन्दु पाल , सर्किल अधिकारी, थाना प्रभारी पाथरकांदी, भाजपा जिलाध्यक्ष सुब्रत भट्टाचार्य व अनेकों भाजपा कार्यकर्ताओें के साथ तिवारीजी के निवास पर जाकर शोक व्यक्त किये। श्रीपाल ने कहा कि तिवारीजी के निधन से केवल पाथरकांदी नहीं सम्पूर्ण बराकघाटी की क्षति हुई है। वे सत्यवादी विधायक थे, पाथरकांदी के सम्पूर्ण समाज की उन्नति के लिए उन्होेंने काम किया। ईश्‍वर से उनकी आत्मा की शांति की कामना करता हूँ। काछाड़ भाजपा के जिलाध्यक्ष उदयशंकर गोस्वामी ने गहरा दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि एक पर एक हमारे स्तम्भ गिरते जा रहे हैं। बद्री सिंहजी गये, अब तिवारीजी भी गये। इनकी कमी पूरी नहीं हो सकती, ये समाज व संगठन के प्रति निष्ठावान तथा बेदाग व्यक्ति थे। भाजपा के संगठनमंत्री नित्यभुषणदे ने कहा कि 1991 में भाजपा से विधायक बने, स्पष्टवक्ता थे, विश्‍वहिन्दु परिषद के कार्यकर्ता के रूप में लोकप्रिय थे। राताबाड़ी के पूर्व विधायक शंभु सिंह माला ने जब सुना तिवारीजी का देहान्त हो गया तो वे मर्माहत हो गये। भर्राये गले से उन्होेंने कहा कि वे बहुत ही नेक व्यक्ति थे, जहाँ भी जाते थे, उनकी बात सुनने के लिए लोग लालायित रहते थे। करीमगंज के वरिष्ठ भाजपा नेता मिशनरंजन दास ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि हमलोग एकसाथ पांच साल विधायक थे, वे एक अच्छे शिक्षक थे, मैं उनके प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त करता हूँ। भाजपा नेता कौशिक राय ने कहा कि उनका निधन भाजपा के लिए बहुत बड़ी क्षति है। वे सादा जीवन उच्च विचार वाले व्यक्ति थे। भाजपा नेता अवधेश कुमार सिंह ने भी फोन पर शोक व्यक्त किया। बराक हिन्दी साहित्य समिति, हिन्दीभाषी समन्वय मंच, बराक चा जनजागृति मंच, प्रेरणा भारती परिवार सहित अनेकों संगठनों ने दिवंगत आत्मा के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सद्गति की कामना की है। उनके निधन पर प्रदेश भाजपा ने गहरा शोक व्रक्त किरा है।