Offcanvas Info

Assign modules on offcanvas module position to make them visible in the sidebar.

A A A

प्रेरणा प्रतिवेदन 4 दिसम्बरः असम में नागरिक पंजी अद्यतन प्रक्रिया नागिरक समझौते अधिनियम 1955 एवं नागरिकता कानून 2003 के प्रावधानों के अनुसार असम में 7 मार्च 1971 (मध्यरात्रि) के आधार पर हो रहा है।

यह अद्यतन प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के निगरानी में हो रही है। कुछ आवेदनों में पुनः पूछताछ एवं पुनः सत्यापन की जा रही है। नागरिकता कानून के अनुसार 2003 के अनुसार जिला मजिस्ट्रेट के देखरेख में पूछताछ, जांच पड़ताल व पुनः सत्यापन किया जा रहा है। जांच पड़ताल करनेवाली टीम एनआरसी केन्द्रों से घर-घर जाकर संबंधित पते जाकर दस्तावेजों के बारे में जानकारी ले रहें हैं और समस्या का निदान भी कर रहे हैं। पुनः सत्यापन के लिये टीम उन्हीं के यहां जा रहें हैं जिनके आवेदन पत्र में त्रुटि है, साथ ही इसकी जानकारी पहले ही संबंधित व्यक्ति को एफएलओ द्वारा दिया जा रहा है। विजिटिंग वेरिफिकेशन टीम को जिस दस्तावेद के जांच की आवश्यकता है उसके लिये लिखित रूप से नागरिकों के पास बता रहे हैं।  वेरिफिकेशन टीम को पुनः परीक्षण के लिये दस्तावेज का मूल कापी टीम को दिखाना पड़ रहा है, टीम मूल दस्तावेद देखने के बाद वापस संबंधित व्यक्ति को दे दे रहे हैं।  नागरिकों से आवेदन है कि रि-वेरिफिकेशन टीम को नागरिक पुरी तरह से सहयोग करे ताकि मूल भारतीय नागरिक पंजी में बंचित न हो पाये और कोई अवैध रूप से रह रहा व्यक्ति का नाम नागरिक पंजी में न जा पाये। अगर इस प्रक्रिया में किसी भी तरह से नागरिकों को परेशान किया जाता है तो संबंधित एनआरसी सेवा केन्द्र के एलआरसीआर या सर्कल अधिकारी या जिला अधिकारी के पास शिकायत कर सकते हैं। नागरिकों को किसी भी प्रकार के अफवाहों, गलत खबरों या किसी समूह  द्वारा फैलाये जा रहे अप-प्रचार पर ध्यान नही देने के लिये अनुरोध किया गया है। मूल भारतीय नागरिक हर हाल में नागरिक पंजी में आयेंगे। किसी भी प्रकार के जानकारी या शिकायत के लिये संबंधित एनआरसी या सर्कल अधिकारी (सीआरसीआर), जिलाधिकारी या डीआरसीआर के पास संपर्क करें। हेल्पलाइन नम्बर 15107 (असम के लिये) एवं 18003453762 (असम के बाहर के लोगों के लिये) फोन कर सकते हैं। या एनआरसी का वेबसाइट ुुु.पीलरीीरा.पळल.ळप पर जाकर कमप्लेन्टस एण्ड फिडबेक पृष्ट पर क्लिक कर अपना आरोप पंजीकरण कर सकते हैं।