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प्रे.सं.शिलचर, 22 अप्रैल ः आज काछाड़ जिला भाजपा कार्यालय में पत्रकारों को संबोधित करते हुए जिला भाजपाध्यक्ष उदयशंकर गोस्वामी ने स्थानीय समाचार

पत्रों में कांग्रेस अध्यक्ष रिपुन बोरा के बयानों का हवाला देते हुए बताया कि जिसप्रकार उन्होेंने असम संधि का समर्थन किया है और भाजपा पर दोहरा चरित्र का आरोप लगाया है, इसके लिए काछाड़ भाजपा उन्हें धिक्कारती है। उन्होेंने कहा कि 2011 में स्वयं मुख्यमंत्री तरुण गोगोई यहाँ आकर वादा किये थे कि यदि उनकी सरकार बनी तो बांग्लादेशी शरणार्थी हिन्दुओं को वे नागरिकता दिलायेंगे। आज वे खुद और उनके नेतागण अपनी ही बात से मुकर गये और असम समझौता का समर्थन करने लगे। भाजपा के जिलाध्यक्ष ने और कहा कि जब रिपुन बोरा ने ऐसी विवादास्पद बयान दी तो यहाँ की सांसद सुष्मिता देव, अजीत सिंह तथा राजदीप ग्वाला ने किसप्रकार शांति से सुन लिया। उन्होेंने बताया कि भाजपा की सांसद विजया चक्रवर्ती का कहना है कि बांग्लादेश ही क्या दुनिया के किसी भी हिस्से में यदि हिन्दू प्रताड़ित है तो उसे भारत में नागरिकता मिलनी ही चाहिए। हमारे मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल हिन्दू शरणार्थियों को नागरिकता दिलाने के लिए निरंतर प्रयास भी कर रहे हैं। काछाड़ भाजपा के उपाध्यक्ष शांतनु नायक ने पत्रकारों से कहा कि रिपुन बोरा को विवादास्पद बयान देने से पहले यह जानना चाहिए कि देश की स्वतंत्रता में बंगाली और पंजाबी लोगों ने प्रमुख भूमिका निभायी है, जिसके फलस्वरुप वे ़शांति से भारत में रह रहे हैं। उन्होेंने कहा कि सन् 1985 में तत्कालीन प्रधानमंत्री ने किसप्रकार हिन्दुओं की वेदना को अनदेखी करते हुए एजीपी और आंसू की संधि करायी थी? पूर्व मुख्यमंत्री बराकवैली में तीन-तीन बार आकर हिन्दू शरणार्थियों को नागरिकता दिलाने का आश्‍वासन देते हैं और गुवाहाटी में उल्टा बयान देते हैं। शांतनु नायक ने कहा कि रिपुन बोरा के वक्तव्य पर किसी कांग्रेसी ने प्रतिवाद नहीं किया। इसका तात्पर्य ये है कि कांग्रेस आसू का समर्थन कर रही है। वोट के लिए ये लोग कुछ भी कर सकते हैं।  भाजपा के जिला सचिव रुपम साहा ने बताया कि रिपुन बोरा के बयान से स्पष्ट होता है कि उनका यहाँ के हिन्दुओं के प्रति कोई हमदर्दी नहीं है। हमलोग डिमाण्ड करते हैं कि वे अपने पद से इस्तीफा दें। 

भाजपा नेता हेमांग शेखर ने कहा कि यहाँ की सांसद सुष्मिता का कहना है कि मोदी जी अच्छा ड्रामा करते हैं। आज बराकवैली में 3-4 हजार करोड़ का निवेश भाजपा सरकार कर रही है, वे बतायें कि पांच साल में उन्होेंने बराकघाटी के लिए क्या किया?भाजपा के जिला कोषाध्यक्ष निहार रंजन ने बताया कि सन् 2016 में पार्लियामेन्ट में जो नागरिकता बिल पास हुआ, उसका कांग्रेस ने विरोध किया। किन्तु विभाजन के बाद बांग्लादेश से जो हिन्दु आये वो अपनी सुरक्षा के लिए आये जबकि बहुसंख्यक समुदाय से आने वालों की मंशा अलग थी। पत्रकार वार्ता में अध्यक्ष के अलावा गोपाल राय, देवाशीष राय, तथा बाप्पी आचार्जी उपस्थित थे। 

पत्रकार वार्ता के समय पत्रकारों को एक ज्ञापन की कापी दी गयी जिसमें काछाड़ भाजपा द्वारा महामि राज्यपाल को ज्ञापन देकर एनआरसी वैरिफिकेशन के नाम पर हो रहे अनावश्यक उत्पीड़न को रोने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि जब सारा काम जिलानुसार होता है तो एनआरसी को क्यों एक स्थान से किया जा रहा है। इसे विकेन्द्रित किया जाय। भाजपा का कहना है कि बांग्लादेश, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से प्रताड़ित होकर आए धार्मिक अल्पसंख्यक शरणार्थियों को भारत में नागरकिता देने का वादा किया गया था। देश की आजादी में उन्होेंने भी बलिदान किया है, इसे भूलना नहीं चाहिए। सभी लोगों ने एनआरसी आवेदन पत्र के साथ अपना प्रमाण जमा किया है, उसका घर-घर जाकर सत्यापन भी हो चुका है। अब फेमिली ट्री के परीक्षण के नाम पर डिबबोई, धुबड़ी, कोकराझाड़ और डीमाहसाओ बुलाना एक उत्पीड़न है। यहां रहने वाले अधिकांश नागरिक गरीब और अशिक्षित हैं, उनके पास किराया भी नहीं है। उन्हें असमिया समझ में नहीं आती। इसलिए बहुत समस्या हो रही है। वे अपनी गाय-बकरी बेचकर भाड़ा जुटा रहे हैं फिर उन्हें खाली हाथ वापस कर दिया जा रहा है। भाजपा की मांग है कि एनआरसी के नाम पर बांग्लादेश से आए धार्मिक अल्पसंख्यक शरणार्थियों का उत्पीड़न बन्द किया जाए।