Offcanvas Info

Assign modules on offcanvas module position to make them visible in the sidebar.

Hot News:

Latest News

एपीएससी कार्यालय में पुलिस ने फिर चलाया अभियान, १४० कॉपियां जब्त

गुवाहाटी, ०७ जून (हि.स.)। असम पब्लिक सर्विस कमिशन (एपीएससी) में कैस फार जॉब मामले की जांच जोरशोर से चल रही है।

प्रदेश महिला कांग्रेस ने महिला सुरक्षा को लेकर किया प्रदर्शन

गुवाहाटी, ०७ जून (हि.स.)। असम की राजधानी गुवाहाटी के एबीसी इलाके में स्थित असम प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन के सामने महिला कांग्रेस कमेटी की सदस्याओं ने बुधवार को केंद्र और राज्य सरकार के विरूद्ध जमकर नारेबाजी की।

कार्र्बी आंग्लांग स्वायत्तशासी परिषद चुनाव में कांग्रेस ने तेज किया प्रचार

कार्बी आंग्लांग, ०७ जून (हि.स.)। असम प्रदेश कांग्रेस पार्टी ने भी कार्बी आंग्लांग स्वायत्तशासी परिषद चुनाव में अपने उम्मीदवारों के समर्थन में चुनाव प्रचार तेज किया है।

A A A

गोवा (एजें) २९ नवंबर : ईरानी फिल्म ‘डाटरङ्क ने आईएफएफआई २०१६ की सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार जीता और गोल्डन पीकॉक टड्ढाफी प्राप्त की तुर्की फिल्म ‘कोल्ड ऑफ कलंदरङ्क ने आईसीएफटी - यूनेस्को गांधी मैडल जीता सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार फिल्म ‘रोफङ्क के लिए बारिस काया।

सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौर ने कहा है कि सरकार नागरिकों को उपलब्ध समस्त सेवाओं का डिजिटलीकरण करने तथा मोबाइल प्रौद्योगिकी के माध्यम से नागरिकों को सशक्त बनाने के लिए सेवाओं की सारणी के तालमेल हेतु सभी प्रयास कर रही है। सरकार द्वारा स्थापित फिल्म सुविधा केन्द्र (एफएफओ) फिल्म निर्माताओं को एकल खिडक़ी मंजूरी देने, भारत को फिल्म बनाने के गंतव्य के रूप में बढ़ावा देने और देश में फिल्म पर्यटन के लिए मंच प्रदान करने की दिशा में एक कदम था।

उन्होंने ऐसा आज गोवा में भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) २०१६ के समापन समारोह में कहा। गोवा की राज्यपाल महामहिम श्रीमती मृदुला सिन्हा, गोवा के मुख्यमंत्री श्री लक्ष्मीकांत पारसेकर और मुख्य अतिथि श्री एस. एस. राजामौली और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे। सिनेमा के महत्व के बारे में श्री कर्नल राठौर ने कहा कि फिल्में न केवल मनोरंजन का साधन हैं, बल्कि वे कला का भी सशक्त माध्यम हैं जिनसे सामाजिक बदलाव की शुरुआत हुई थी। संस्कृतियों को पाटने में सिनेमा की भूमिका को वर्ष २०१६ के लिए फोकस देशों और भारत के मध्य भागीदारी से अनुभव किया गया और कोरिया गणराज्य ने फिल्मों के माध्यम से सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ाने के लिए एक द्वार के रूप में कार्य किया। श्री कर्नल राठौर ने कहा कि मल्टीप्लेक्सों से फिल्म देखने के अनुभव में क्रांतिकारी परिवर्तन हुआ है। प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बदलाव से देश में मोबाइल देखने की क्षमता बड़ी है। इससे व्यक्ति अपनी रूचि और वातावरण की अवधारणा के आधार पर फिल्म शूट कर सकता है। इससे युवा फिल्म निर्माताओं को बढ़ावा देने में मदद मिली है। यह इससे जाहिर है कि मंत्रालय द्वारा आयोजित स्वच्छ भारत फिल्म समारोह में रिकार्ड संख्या में प्रविष्टियां प्राप्त हुईं।

इससे पहले गोवा के मुख्यमंत्री श्री लक्ष्मीकांत पारसेकर ने अपने संबोधन में कहा कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, राज्य सरकार और फिल्म उद्योग के मध्य सहयोग से आईएफएफआई का यह संस्करण बहुत सफल हुआ जिससे न केवल फिल्म उद्योग को बढ़ावा मिला बल्कि गोवा को भी रचनात्मक हब के रूप में प्रोत्साहन मिला। मुख्य अतिथि श्री एस एस राजामौली ने कहा कि इस तरह के फिल्म समारोहों से सबसे ज्यादा फायदा युवा फिल्म निर्माताओं को होता है। जिन्हें विश्व की सर्वश्रेष्ठ फिल्में एक मंच पर देखने को मिलती हैं तथा उन्हें विश्व के प्रतिष्ठित फिल्म निर्माताओं से सीखने को भी बहुत कुछ मिलता है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय की अपर सचिव श्रीमती जयश्री मुखर्जी ने कहा कि आईएफएफआई फिल्में दिखाने के अलावा कार्यशालाओं और मास्टर कला से रूप में जानकारी प्राप्त करने के बड़े स्थल भी उपलब्ध कराता है। सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार फिल्म ‘डाटरङ्क को प्रदान किया गया। पुरस्कार में गोल्डन पीकॉक टड्ढॉफी, प्रमाण पत्र और ४०,००,००० रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। जिसे निर्देशक और निर्माता के बीच समान रूप से बांटा गया। ‘डॉटरङ्क ने इस साल मास्को अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह में सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार जीता था।