Offcanvas Info

Assign modules on offcanvas module position to make them visible in the sidebar.

A A A

हजार रुपए और ५०० रुपए के नोट बंद करने का प्रभाव देश के जनजीवन पर साफ नज़र आता है। नरेन्द्र मोदी सरकार के इस कड़े फैसले के एक माह बाद भी लोग करेंसी की कमी से जूझ रहे हैं।

बैंकों में पहले जैसी भीड़ तो नहीं है पर लोगों की परेशानी कम नहीं हुई है। इधर, नोटों के विमुद्रीकरण ने आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित किया है। कई उद्योग और व्यापार मंदी की समस्या का सामना कर रहे हैं। स्वयं रिजर्व बैंक ने जीडीपी अनुमान को ७.५ से घटाकर ७.१ प्रतिशत कर दिया है। विश्व की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था के लिए यह अनुमान उजली उम्मीदें नहीं जगाता है। रिजर्व बैंक ने मुद्रास्फीति की दर ५ प्रतिशत रखी है। इससे महंगाई बढ़ने की आशंका है। जाहिर है, करेंसी की समस्या का सामना करने वाली जनता के लिए आने वाले दिन और अधिक कठिन हो सकते हैं। इस पृष्ठभूमि में केंद्र सरकार से आर्थिक क्षेत्र में निर्णायक कदम उठाने की अपेक्षा है।

कैशलेस टड्ढांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा कुछ रियायतें देने से लोग डिजिटल लेन-देन के लिए प्रेरित होंगे। लेकिन, जनसंख्या का बहुत बड़ा वर्ग इस सिस्टम से अछूता है। गांवों, कस्बों को छोड़िए शहरों तक में लोग लेन-देन की इलेक्टड्ढॉनिक प्रक्रिया से दूर हैं। फिर, डिजिटल पेमेंट के लिए जरूरी इन्फ्रास्टड्ढक्चर पूरे देश में उपलब्ध नहीं है। सरकार को इस दिशा में तेजी से पहल करने की जरूरत है। वैसे, डिजिटल पेमेंट का विस्तार होने से भी अर्थव्यवस्था की बुनियादी समस्याएं खत्म नहीं होंगी।

आर्थिक गतिविधियों को पटरी पर लाना सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। विमुद्रीकरण ने असंगठित क्षेत्र को बहुत अधिक प्रभावित किया है। छोटे उद्योग धंधों पर जमकर मार पड़ी है। इससे बेरोजगारी बढ़ेगी। बेकारी से कई समस्याएं खड़ी होती हैं। इसलिए सरकार को रोजगार बढ़ाने के लिए निर्णायक कदम उठाने चाहिए। वह आने वाले बजट में टैक्स रियायतों सहित ऐसे प्रावधान करे जो जनता के बहुत बड़े वर्ग को राहत पहुंचा सकें। दुनिया की आर्थिक गतिविधियां भी भारत को प्रभावित करेंगी। ओपेक देशों ने तेल का उत्पादन कम कर दिया है। इससे तेल की कीमतें बढ़ने का अंदेशा है। यह स्थिति अपनी जरूरत का ८० प्रतिशत तेल आयात करने वाले देश के लिए कठिनाइयां पैदा कर सकती है। सरकार को अपनी नीतियों का निर्धारण करते समय इन सब पहलुओं को ध्यान में रखना होगा।