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जियो फोन बुकिंग: एसएमएस से ऐसे प्री बुक करें जिओ फोन

नईदिल्ली, (समा.एजें) १७ अगस्त : रिलायंस जियो का फ्री फोन सितंबर के पहले सप्ताह में आम लोगों के हाथ में होगा। इस फोन की बीटा टेस्टिंग १५ अगस्त से शुरू हो गई है। इस फोन को पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर दिया जाएगा।

सडक़ों पर नमाज नहीं रोक सकता, तो थानों में जन्माष्टमी क्यों रोकूं : योगी  

लखनऊ, (समा.एजें) १७ अगस्त : उत्तर प्रदेश के थानों में जन्माष्टमी उत्सव को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा बयान दिया है.

एनडीआरएफ का बचाव एवं राहत अभियान जारी

गुवाहाटी, १७ अगस्त (हि.स.)। असम में गत एक सप्ताह से लगातार हो रही बरसात के कारण राज्य के २५ जिले सर्वधिक प्रभावित है। एनडीआरएफ ने इस बार भी आपदा पर बचाव कार्यों के लिए खोजी दलों को पहले से तैयार रखा था।

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बिंद्रा ने २००८ में बीजिंग में स्वर्ण पदक जीता जबकि विजय कुमार और गगन नारंग ने लंदन में २०१२ में क्रमश: रजत और कांस्य पदक जीते। 

परफेक्शनिस्ट अभिनव बिंद्रा ने अपने स्वर्णिम कैरियर को वर्ष २०१६ में अलविदा कह दिया जबकि रियो ओलंपिक में पदक के प्रबल दावेदार माने जा रहे निशानेबाज लचर प्रदर्शन के बाद खाली हाथ लौटे। बिंद्रा के कैरियर का अंत भी मनचाहा नहीं रहा। ओलंपिक में भारत के लिये व्यक्तिगत स्पर्धा का एकमात्र स्वर्ण जीतने वाले बिंद्रा ने सितंबर में खेल को अलविदा कह दिया था। विश्व चैम्पियनशिप स्वर्ण पदक विजेता बिंद्रा रियो में मामूली अंतर से पदक से चूक गए और तनावपूर्ण शूटऑफ में उन्हें पराजय झेलनी पड़ी। बिंद्रा का प्रदर्शन हालांकि रियो में भारतीय निशानेबाजों में सर्वश्रेष्ठ रहा। रेंज के बाहर खेल सुर्खियों में रहा लेकिन इतने सालों में भारतीय निशानेबाजों ने जो मानदंड कायम किये हैं, उसको देखते हुए यह साल नाकामी भरा रहा। ओलंपिक में २००४ के बाद पहली बार भारतीय निशानेबाज खाली हाथ लौटे। इसके बाद भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ ने बिंद्रा की अगुवाई में समीक्षा समिति का गठन किया। समिति ने ३६ पन्नों की रिपोर्ट में रियो के फ्लॉप शो के लिये व्यवस्था को लताड़ा और आमूलचूल बदलाव की मांग की। गगन नारंग से लेकर हीना सिद्धू और अयोनिका पाल किसी को नहीं बख्शा गया।

बिंद्रा ने २००८ में बीजिंग में स्वर्ण पदक जीता जबकि विजय कुमार और गगन नारंग ने लंदन में २०१२ में क्रमश: रजत और कांस्य पदक जीते। इससे पहले २००४ में राज्यवर्धन राठौड़ ने रजत पदक जीता था। ओलंपिक से पहले अपना दबदबा कायम करने वाले जीतू राय पिस्टल निशानेबाजी में नाकाम रहे। हीना, मानवजीत सिंह संधू, नारंग, अपूर्वी चंदेला और जीतू को कोई पदक नहीं मिला जबकि सभी की तैयारी पर काफी पैसा बहाया गया था। जीतू ने साल के आखिर में विश्व कप में चैम्पियन ऑफ चैम्पियंस पिस्टल खिताब जीता। तेहरान में एशियाई राइफल और पिस्टल निशानेबाजी चैम्पियनशिप में भारत ने १५ पदक जीते। शाहजार रिजवी और रूचिता विनेरकर जैसे नये निशानेबाज इससे उभरे। शुभांकर प्रमाणिक, अनमोल जैन, स्वप्निल कुसाले, राज्यवर्धन के बेटे मानवादित्य राठौड़ ओर अनंत जीत सिंह ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। सितंबर में अजरबैजान में हुए जूनियर विश्व कप में भारत नौ स्वर्ण, पांच रजत और १० कांस्य लेकर दूसरे स्थान पर रहा।