Offcanvas Info

Assign modules on offcanvas module position to make them visible in the sidebar.

Hot News:

Latest News

जियो फोन बुकिंग: एसएमएस से ऐसे प्री बुक करें जिओ फोन

नईदिल्ली, (समा.एजें) १७ अगस्त : रिलायंस जियो का फ्री फोन सितंबर के पहले सप्ताह में आम लोगों के हाथ में होगा। इस फोन की बीटा टेस्टिंग १५ अगस्त से शुरू हो गई है। इस फोन को पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर दिया जाएगा।

सडक़ों पर नमाज नहीं रोक सकता, तो थानों में जन्माष्टमी क्यों रोकूं : योगी  

लखनऊ, (समा.एजें) १७ अगस्त : उत्तर प्रदेश के थानों में जन्माष्टमी उत्सव को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा बयान दिया है.

एनडीआरएफ का बचाव एवं राहत अभियान जारी

गुवाहाटी, १७ अगस्त (हि.स.)। असम में गत एक सप्ताह से लगातार हो रही बरसात के कारण राज्य के २५ जिले सर्वधिक प्रभावित है। एनडीआरएफ ने इस बार भी आपदा पर बचाव कार्यों के लिए खोजी दलों को पहले से तैयार रखा था।

A A A

नई दिल्ली. (समा.एजें) २० दिसंबर : यह बात एकदम सच है कि अगर आपके कुछ भी करने की ठान लेते हैं तो दुनिया की कोई भी ताकत आपको शिकस्त नहीं दे सकती.

ऐसी ही कुछ कहानी है भारतीय जूनियर हॉकी टीम के उन ७ खिलाड़ियों की, १५ साल बाद जूनियर हॉकी वल्र्ड कप के फाइनल में पहुंचने वाली इस भारतीय टीम में ७ ऐसे (हरजीत सिंह, विकास दहिया, कृष्ण बहादुर पाठक, हरमनप्रीत सिंह, वरुण कुमार, सुमित कुमार और अजीत कुमार पांडे) सितारे हैं, जिनके पिता पेशे से डड्ढाइवर हैं.

फॉरवर्ड अजीत कुमार:- अजीत के पिता जय प्रकाश स्थानीय कारोबारी तेज बहादुर सिंह के यहां काम करते थे. उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में रहने वाले तेज बहादुर खेलों के शौकीन हैं. इसलिए उन्होंने एक स्कूल में हॉकी एकेडमी शुरू की. इसके लिए उन्होंने आर्टिफिशियल टर्फ बनवाया और हॉकी स्टिक भी मुहैया कराईं. अजीत ने बताया, ङ्कएक टिड्ढप के दौरान भैया (तेजबहादुर) ने मेरे पिता से कहा कि मुझे हॉकी एकेडमी से जुड़ना चाहिए. अगली सुबह मैं हॉकी पिच पर दौड़ लगा रहा था.

स्टार डड्ढेग फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह:- हरमनप्रीत सिंह एक बच्चे के रूप में हरमनप्रीत टड्ढेक्टर के दीवाने थे. वे पिता के साथ बैठकर इसे चलाया करते थे, लेकिन गियर बदलने में उन्हें काफी परेशानी होती थी. उन्होंने बताया, ङ्कमेरे पिता मुझे बताया करते थे कि टड्ढेक्टर कैसे चलाते हैं, गियर बदलने की प्रकिया सबसे कठिन थी.ङ्क समय बदलने के साथ वे यह टिड्ढक सीख गए, लेकिन इससे उनके कंधे और बाजू मजबूत हो गए.

डिफेंडर वरुण कुमार:- वरुण कुमार के पिता ब्रह्मानंद पंजाब में मेटाडोर ४०७ चलाते हैं.

गोलकीपर विकास दहिया:- विकास दहिया के पिता दलबीर सोनीपत में प्राइवेट फर्म में डड्ढाइवर हैं. बैक अप गोलकीपर कृष्ण बहादुर पाठक:- कृष्ण बहादुर के पिता टेक बहादुर क्रेन ऑपरेटर थे. उनका इसी साल निधन हो गया.

मिडफील्डर सुमित कुमार:- सुमित कुमार के पिता रामजी प्रसाद वाराणसी में डड्ढाइवर हैं.