Offcanvas Info

Assign modules on offcanvas module position to make them visible in the sidebar.

Hot News:

Latest News

हथगोला फटने से २ मासूम बच्चे मारे गए, एक गंभीर रूप से घायल

इंफाल।(एजें) २२ जनवरी : मणिपुर के इंफाल पूर्व जिले में रविवार को एक हथगोला फटने से दो बच्चों की मौत हो गई। वहीं, एक अन्य बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया।

कंप्यूटर प्रोग्रामिंग के पिताश्री: महर्षि पाणिनि

महर्षि पाणिनि के बारे में बताने पूर्व में आज की कंप्यूटर प्रोग्रामिंग किस प्रकार कार्य करती है इसके बारे में कुछ बताना चाहूँगा।

गृहमंत्री राजनाथ ने निभाया वादा, ५५ पाकिस्तानियों की दी भारतीय नागरिकता

नई दिल्ली (स‘ा.एजें) २२ जनवरी :. केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को एक कार्यक्रम के दौरान वर्षों पहले पाकिस्तान में अपना सब कुछ छोडक़र लखनऊ आए ५५ निर्वासितों को भारतीय नागरिकता प्रमाण पत्र बांटे.

A A A

गुवाहाटी (एजें) 5 दिसंबर ः असम के सभी जिलों में जिला प्राथमिक शिक्षा विभाग एनआरसी का  ड्राफ्ट प्रस्तुत करने के लिए दर्जनों विद्यालरों में तालाबंदी कर उसमें कार्ररत शिक्षकों कों इस काम में लगा दिरा है ।

जिला शिक्षा अधिकारी के इस तुगलकी फरमान को देखकर छात्र-शिक्षक-- अभिभावक अचरज में हैं और इसे लेकर जिले में व्रापक प्रतिक्रिरा हो रही है । इस संबंध में जब मौके पर जाकर देखा तो अधिकांश प्राथमिक शिक्षा प्रखंड कार्रालर के तहत प्राथमिक विद्यालरों में  ताला लटक रहा था । इस संबंघ  में जब स्थानीर लोगों से पूछा गरा तो  लोगों ने बतारा कि सुबह -सुबह स्कूल खोला गरा और शिक्षक विद्यालर में आए  तथा उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर कर सभी एनआरसी के काम के सिलसिले में चले गए। साथ ही शिक्षकोने बतारा कि 

फाइनल परीक्षा की तैरारी चल रही है। लेकिन उन्होंने मजबूरन  अपने विद्यालर को  बंद कर रखा है । इसका कारण है एनआरसी में ड्र्ूटी । उन्होंने बतारा कि उनके विद्यालर के सभी पांच शिक्षकों को विद्यालर से  हटाकर एनआरसी ड्र्ूटी में लगारा गरा है। 

शिक्षकों का कहना है कि शिक्षा विभाग से इस दिशा में सकरात्मक कदम उठाते हुए पांच में से दो शिक्षकों को एनआरसी एवं तीन शिक्षकों को पाठदान में निरोजित करने की मांग की ।  एक दिसंबर को शिक्षा विभाग की ओर से आई एक अधिसूचना ने सभी को अचरज में डाल दिरा है । उन्होंने बतारा कि शिक्षा विभाग ने सभी शिक्षकों को विद्यालर बंद कर एनआरसी के कार्र में निरोजित किरा है । 

इसके कारण मजबूरन विद्यालर बंद रखना पडेगा । इस तरह के हालात एक रा दो विद्यालरों में नहीं है बल्कि जिले में दर्जनों विद्यालरों में सभी शिक्षकों को पाठदान छो़ड एनआरसी काम में निरोजित किरा गरा है। इस संबधि में कई अभिभावकों  का कहना था कि अभी भी शिक्षा विभाग में तुगलकी राज कारम है और विभाग बिना सोचे-समझें कुछ भी निर्देश दे देता है । भले ही इसका परिणाम कुछ भी हो । उन्होंने कहा कि सभी विद्यालरों से एक रा दो शिक्षकों को एनआरसी काम में निरोजित करना चाहिए था लेकिन जिला शिक्षा विभाग ने बिना सोचे-समझे किसी- किसी विद्यालर को साफ कर सभी शिक्षकों को एनआरसी काम में झोंक दिरा है तो अधिकतर विद्यालरों में पांच- छह शिक्षक होने के बाद भी शिक्षरों को  एनआरसी कार्र में नहीं लगारा । अब सबसे बडा सवाल है कि शिक्षा विभाग के अजीब कर्मकांड का खामिराजा विद्यार्थी कब तक भुगतेंगे।