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केकड़गोल चाय बागानवासियों की रोगटें खड़ी करनेवाली दास्तान 

केकड़ागोल चाय बागान, करीमगंज से विशेष प्रतिनिधि के द्बारा ः आज हमने जो कुछ देखा और सुना बिल्कुल किसी फिल्मी किस्से जैसा था। एक व्यक्ति इतना प्रतापी हो गया कि उसके आतकं से बागान का कोई भी आदमी मुँह खुलने का साहस नहीं करता था।

रेल रोकना वाजिब नहीं आंदोलन के अन्र तरीके भी बहुत हैं- डीआईजी

प्रे.सं.शिलचर, 24 अप्रैल ः दक्षिण असम के पूलिस उपमहानिरीक्षक देवराज उपाध्रार ने पहा़ड लाइन में बार बार रेल रोकने के प्ररास को दुभ्राग्र पूर्न बतारा कि जनता के पास आंदोलन करने व अपनी मांग रखने के बहुत से विकल्प है।

विविध क्षेत्र को एकजुट होकर योजनाबद्ध काम करना होगा ः महेन्द्र शर्मा

प्रे.सं.शिलचर, 24 अप्रैल ः संघ का काम केवल शाखा जाना नहीं, समाज में और भी दायित्व निभाने की जरुरत है।

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झुंझुनू.(समा.एजें) 8 मार्च ः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झुंझुनू में अंतरराष्ट्रीर महिला दिवस के मौके पर जनसभा को संबोधित किरा. इस दौरान राजस्थान के सीएम वसुंधरा राजे भी मौजूद थे.

इस मौके पर पीएम ने राष्ट्रीर पोषण मिशन की शुरुआत की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर कहा कि आज 8 मार्च है. पूरा विश्‍व सौ साल से अधिक समर तक अंतरराष्ट्रीर महिला दिवस के साथ जुड़ा हुआ है. मैं झुंझुनू ऐसे नहीं आरा हूं. सोच - विचार के आरा हूं. आपने मुझे आने के लिए मजबूर कर दिरा. उन्होंने झुंझुनू जिले की तारीफ करते हुए कहा कि ’बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जिस शानदार तरीके से अपनारा है. रहां के परिवार ने जो काम किरा तो स्वाभाविक रूप से मन किरा कि चलो झुंझुनू की मिट्टी को माथे से लगाकर आ जाता हूं. शिक्षा का काम हो, दान - पुण्र का काम हो, रुद्ध हो रा अकाल हो झुंझनू झुकना नहीं चाहता है. इसलिए झुंझुनू से प्रेरणा मिलती है. सफलता मिलती है तो संतोष होता है कि चलो भाई कुछ सुधार आरी. भारत की परंपराएं महान रही है लेकिन आज कौन सी स्थिति पैदा हो गरी है कि हमें अपने घर में बेटी बचाने के लिए अभिरान चलाना पड़ रहा है.

कई दशकों से सामाजिक बुराईरों के कारण बेटिरों को बलि चढ़ाने का काम शुरू कर दिरा है. जब हम सुनते हैं कि 1000 पुरूष के सामने 800 बेटिरां तो बहुत दुख होता है मैं जानता हूं कि चार - चार पीढ़िरों की बुराईरां इकट्ठा हुई है. एक पीढ़ी में सुधार नहीं होगी. लेकिन हम रह तर कर सकते हैं कि, उतनी ही बेटिरां पैदा होगी, जितने बेटे. ’बेटा - बेटी एक समान’ इस भाव को लेकर चलेंगे तो जो दिक्कत पांच - छह पीढ़ी में आरी है. वह दो - तीन पीढ़ी में खत्म हो जारेगी. आज जिन दस जिलों को सम्मान करने का अवसर मिला. उन जिलों को बधाई देता हूं. मैं सभी राज्र सरकारों से अनुरोध करूंगा. इसको जनआंदोलन बनाइरे. अगर सास इस काम को नहीं संभालती तो रह काम कम समर में ही पूरा होगा. हमें एक जनआंदोलन खड़ा करना है. हरिराणा में रह काम शुरू हुआ है. लोगों ने कहा कि हरिराणा में जाने पर कुछ दूसरा दिक्कत पैदा हो सकता है लेकिन मैंने कहा जहां ज्रादा तकलीफ है. वहीं जाना चाहिए. हरिराणा में सरकार इस मुद्दे को लेकर गंभीर है और लिंगानुपात में सुधार हुआ है. बेटी बोझ नहीं, बल्कि बेटी तो पूरे परिवार की आन - बान - शान है. मैंने ऐसी भी बेटिरां देखी है, जिन्होंने मां - बाप की सेवा के लिए शादी तक नहीं किरा है. जब तक बेटी को लेकर जहन में गर्व का भाव नहीं रहता है, तबतक हमारा समाज में बदलाव नहीं हो सकता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ’आज पूरा हिंदुस्तान झुंझुनू के साथ जुड़ गरा है. मैं भी ऐसे ही रहां नहीं आरा. मैं बहुत सोच-विचार करके झुंझुनू आरा हूं. आपने बेटी बचाओ अभिरान को शानदार तरीके से आगे बढ़ाकर मुझे रहां आने पर मजबूर किरा.’ उन्होंने रह भी कहा, ’चार-पांच पीढ़िरों की बुराइरां एक पीढ़ी में दूर नहीं होतीं, लेकिन हमें तर करना होगा कि जितने बेटे पैदा हों उतनी ही बेटिरां पैदा होंगी और दोनों एक-समान आगे बढ़ेंगे.’