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यात्रियों के लिए बुरी खबर, रेल किराए में हो सकती है ब‹ढोत्तरी

नई दिल्ली (समा.एजें) ११ जनवरी :. रेल से सफर करने वाले यात्रियों को अब ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं. रेल किराए में बढ़ौतरी हो सकती है.

बिरला-सहारा डायरी केस को सुप्रीम कोर्ट ने किया खारिज

नई दिल्ली (समा.एजें) ११ जनवरी : सुप्रीम कोर्ट ने सहारा-बिड़ला डायरी मामले में जांच कराने की मांग वाली एक याचिका को बुधवार को खारिज कर दिया।

धरमखाल सॅनराइजर्स क्लब ने किया सभा का आयोजन

संगीता माला, धरमखाल,१० जनवरीः आज धरमखाल सँनराइर्जस क्लब ने एक सभा का आयोजन किया इस सभा में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थी काछा‹ड की सांसद सुस्मिता देव एवं प्रेमराज ग्वाला इस सभा का संचालन विरेन्द्र धोवी ने किया।

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लखनऊ (समा.एजें) , २९ दिसंबर :समाजवादी पार्टी में आपसी खींचतान के बीच अब सीएम अखिलेश यादव ने बड़ा फैसला लिया है.

उन्होंने अपने नाराज समर्थकों को अलग से चुनाव लड़ने को कहा है. अखिलेश समर्थक टिकट नहीं मिलने से नाराज हैं और इस बात को लेकर अखिलेश और मुलायम के बीच लगातार बातचीत चल रही थी. लेकिन अब खबर ये आ रही है कि अलग बीच का रास्ता नहीं निकलने पर अखिलेश ने अपनों समर्थकों को अलग से चुनावी मैदान में उतरने का कहा है. यही नहीं, अखिलेश जल्द ही अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी करने वाले हैं. दरअसल यूपी चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और मुलायम सिंह के कुनबे में अब टिकट बंटवारे को लेकर फिर लड़ाई छिड़ गई है. मुलायम सिंह यादव ने बुधवार को विधानसभा चुनाव के लिए सपा के ३२५ उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की तो अखिलेश के कई समर्थकों का पत्ता साफ कर दिया. चाचा शिवपाल की पसंद को लिस्ट में देखकर सपा में फिर अंदरखाने लड़ाई शुरू हो गई है. सीएम अखिलेश ने अपने समर्थक विधायकों की बैठक बुलाई.लखनऊ में समर्थकों के साथ बैठक के बाद अखिलेश यादव अपने पिता एवं पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव से मिलने उनके घर पहुंचे, जहां बाद में शिवपाल यादव भी पहुंच गए. इसके थोड़ी ही देर बाद यह बैठक खत्म हो गई.मुलायम के घर से सीएम अखिलेश जब बाहर निकले, तो पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनकी कार थोड़े समय के लिए रोके रखी. हालांकि इसके बाद अखिलेश का काफिला ५ कालीदास मार्ग स्थित सीएम आवास की तरफ निकल पड़ा, जहां टिकट से बेदखल नेता उनका इंतजार कर रहे हैं.इससे पहले अखिलेश के घर बैठक में धर्मेंद्र यादव, अरविंद गोप और अभिषेक मिश्रा समेत तमाम समर्थक शामिल हुए. इस बैठक में वे विधायक और मंत्री शामिल हुए जिनके टिकट काट दिए गए थे. अखिलेश ने बुधवार शाम भी तीन मंत्रियों और दर्जनों विधायकों के साथ लंबी मीटिंग की थी. बैठक के बाद एक विधायक ने कहा कि हम नेताजी के निर्देशों का पालन करेंगे.

सूत्रों के मुताबिक टिकट से बेदखल मंत्रियों ने सीएम अखिलेश के सामने अपने दर्द को बयां किया. मंत्री अरविंद सिंह गोप ने अखिलेश के सामने कहा- हमारा टिकट अमर सिंह ने कटवाया है, बेनी प्रसाद वर्मा ने भी शिवपाल सिंह यादव से अपने बेटे के लिए मेरे खिलाफ साज़िश रची. अखिलेश के साथ मीटिंग में उनके समर्थक मंत्रियों नेताओं और विधायकों ने एक स्वर से कहा- अखिलेश जी जनता, पार्टी, कार्यकत्र्ता, समर्थक सब आपके साथ हैं ऐसे में आप निर्णय लीजिये. सूत्रों की माने तो अखिलेश यादव जल्द ही अयोध्या में मंत्री पवन पाण्डेय, बलिया में रामगोविंद और बाराबंकी अरविंद सिंह गोप के समर्थन में बड़ी रैली कर सकते हैं. यही नहीं अगर बात नहीं बनी और अखिलेश यादव के करीबियों को अगर टिकट नहीं दिया जाता तो सीएम अपने चहेतों को निर्दलीय ताल ठोकने की हरी झंडी दे सकते हैं और वो इन सीटों पर वह उनके समर्थन में रैली भी करने का फैसला ले सकते हैं. राज्य में कई जगहों पर सपा नेताओं ने अखिलेश समर्थक विधायक उम्मीदवार होने के पोस्टर भी लगा दिए हैं. लिस्ट में शिवपाल के चहेतों की भरमार देखते के बाद अखिलेश की ओर से प्रतिक्रिया भी सामने आई है. सीएम अखिलेश ने चाचा शिवपाल के दो करीबियों संदीप शुक्ला और सुरभि शुक्ला से राज्यमंत्री का दर्जा छीन लिया. संदीप शुक्ला सरकार में बतौर सलाहकार काम कर रहे थे जबकि उनकी पत्नी सुरभि आवास विकास परिषद की उपाध्यक्ष थीं. मुलायम सिंह ने इससे पहले कहा कि १७६ मौजूदा विधायकों को टिकट दिया गया है. बाकी ७८ नामों की घोषणा जल्द की जाएगी. इस दौरान उन्होंने कहा कि यूपी जीतने वाला दिल्ली जीतता है. पार्टी प्रमुख ने कहा कि सभी उम्मीदवारों को सोच-समझकर चुना गया है. बेनी प्रसाद वर्मा के बेटे राकेश वर्मा को बाराबंकी से टिकट मिला है. लखनऊ कैंट से मुलायम की बहू अपर्णा यादव लड़ेंगी चुनाव। मुख्यमंत्री को सीधे चुनौती देने वाले अतीक अहमद को भी टिकट मिल गया और मु्ख्तार अंसारी के भाई को भी. जिन मंत्रियों को अखिलेश यादव ने शिवपाल यादव कैंप का मानकर मंत्रिमंडल से बाहर कर दिया था वो सभी लोग टिकट पाने में कामयाब रहे. ओम प्रकाश सिंह, नारद राय, अंबिका चौधरी, शादाब फातिमा, शिव कुमार बेरिया, राजकिशोर सिंह, अरिदमन सिंह, राजकिशोर सिंह और योगेश प्रताप सिंह इन सभी पूर्व मंत्रियों को टिकट मिल गया है.सीतापुर के विधायक रामपाल यादव को गुंडागर्दी के आरोप में अखिलेश यादव ने पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष रहते पार्टी से ही निकाल दिया था. दो दिन पहले ही उन्हें पार्टी में वापिस लाकर शिवपाल यादव ने टिकट दे दिया है. टिकट के बंटवारे में अपने लोगों की अनदेखी होने पर अखिलेश यादव ने कहा कि जिन लोगों को उनके कहने पर टिकट नहीं मिला है उनके बारे में वो मुलायम सिंह यादव को पुनर्विचार करने को कहेंगे. लेकिन इतना साफ है कि टिकट बंटवारे को लेकर एक बार फिर चाचा भतीजे की लड़ाई सामने आ गयी है. देखना है कि अब अखिलेश अपने लोगों को क्या इशारा करते हैं. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने खुद सार्वजनिक मंच ने कहा था कि वह बुंदेलखंड की किसी सीट से चुनाव लड़ना चाहेंगे. लेकिन जिन सीटों की घोषणा हुई उसमें अखिलेश यादव का नाम नहीं है. अखिलेश यादव के चुनाव लड़ने के बारे में पूछे जाने पर मुलायम सिंह यादव ने सिर्फ इतना ही कहा कि वह जहां से चाहे चुनाव लड़ सकते हैं.