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शलोंग और तुपा में पीए संगमा की मूर्तियां स्थापित की जाएः कोनरा


शिलोंग (समाचार एजेंसी)ः तुरा के सांसद कोनराड के संगमा ने राज्य सरकार से उनके दिवंगत पिता पीए सांग्मा की याद में मूर्तियां  स्थापित करने तथा स‹डकों का नाम पीए संगमा मार्ग रखने की अपील की है। गौरतलब है कि दिवंगत पीए संगमा  को इस साल देश के दूसरे सबसे ब‹डे नागरिक सम्मान पद्म विभूषण पुरस्कार से मरणोपरांत सम्मानित किया गया है। कोनराड संगमा ने इसे  राज्य के लिए ब‹डा गौरव का विषय बताते हुए शिलोंग व तुरा में उनकी मूर्तियां स्थापित करने तथा दोनों जगहों में दो स‹डकों नाम उनके नाम पर रखने की मांग की । कोनराड की  इच्छा तुरा में दिवंगत सांग्मा द्वारा  निर्मित डिक्की बांदी स्टेडियम के सामने पीए संगमा की मूर्ति स्थापित की जाए।

पूर्व विधायक मोतीलाल कानु की धर्मपत्नी लक्ष्‘ीरानी कानु का निधन


प्रे.सं पाथरकांदी २८ अप्रैलः पाथरकांदी के पूर्व विधाङ्मक ‘ोतीलाल कानु की सहधर्‘िणी लक्ष्‘ीरानी अब इस दूनिङ्मा ‘ें नही रही है। कलकलिघाट स्थित निवासस्थान पर इस दूनिङ्मा को छो‹डकर परलोग चली गङ्मी।  ‘ृत्ङ्मु के दौरान वे ८७ वर्ष की थी। गत २२ अप्रैल को उनकी ‘ृत्ङ्मु हुई। वे अपने पीछे पांच पुत्र, तीन पुत्री, नाति-नातिन सहित अनेकों चाहनेवालों को छो‹ड गङ्मे है। उनकी ‘ृत्ङ्मु पर बराक उपत्ङ्मका ‘ध्ङ्मदेशीङ्म वैश्ङ्म स‘ाज के तरह से बाबुल नाराङ्मण कानु, विधाङ्मक कृष्णेन्दु पाल, पूर्व विधाङ्मक ‘णिलाल ग्वाला, लोवाइपूवा भाजपा ‘ण्डल सभापति एच नन्दी, भाजपा नेता कल्प देव, उत्त‘ रिकिङ्मासन सहित विभिन्न संगठनों के तरङ्क से शोक प्रकट किङ्मा गङ्मा है। साथ ही उनके परिवारवालों के प्रति स‘वेदना जाहिर किङ्मा गङ्मा है।

दुल्र्लभछो‹डा हिन्दी विद्यापीठ ‘ें अंशु‘ान पाल की विदाई


प्रेरणा प्रतिवेदन २८ अप्रैलः दुल्र्लभछो‹डा अस्पताल रोड के हिन्दी विद्यापीठ ए‘  ई स्‘ार्ट स्कुल के शिक्षक अंशु‘ान पाल को अन्ङ्मत्र बदलि किङ्मे जाने पर गत २७ अप्रैल को सुबह ११ बजे विद्यालङ्म ‘ें एक सम्‘ान स‘ारोह का आङ्मोजन किङ्मा गङ्मा। प्रधान शिक्षक सुख‘णि सिन्हा की अध्ङ्मक्षता ‘ें आङ्मोजित स‘ारोह ‘ें शिक्षक रघुनाथ साहु, रा‘बिलाश ङ्मादव, बिनोद कु‘ार राङ्म, चन्द्रशेखर पाण्डेङ्म व कृष्णकान्त सिन्हा प्र‘ुख लोगों ने अपना ‘हत्वपूर्ण वक्तव्ङ्म दिङ्मा। अपने संबोधन ‘ें वक्ताओं ने शिक्षक अंशु‘ान पाल की उज्ज्वल भविष्ङ्म सहित लम्बी उ‘्र का का‘ना किङ्मा।
    विदाङ्मी शिक्षक अंशु‘ान पाल ने अपने वक्तव्ङ्म ‘ें अपने सह-कर्‘ी स‘ेत उपस्थित लोगों का आभार प्रकट किङ्मा। उन्होंने छात्र-छात्राओं को ‘न लगाकर प‹ढाई-लिखाई करने के आह्वान किङ्मा। स‘ारोह ‘ें हिन्दी विद्यापीठ ए‘इ स्कुल के सहाङ्मक शिक्षकों व छात्र-छात्राओं के तत्वाबधान ‘ें अंशु‘ान पाल को एक ‘ानपत्र व एक शर्ट-पेन्ट, रा‘सीता की ‘ूर्ति, एक घ‹डी, अनगिनत कल‘ उपहार ‘ें दिङ्मा गङ्मा।

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नई दिल्ली (समा.एजें) ११ दिसंबर : केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को शहीदी दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि अब पाकिस्तान भी समझ चुका है कि वह भारत को सीधे पराजित नहीं कर सकता।

राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान पर जमकर हमला बोला। जम्मू के कठुआ में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आया तो उसके १० टुकड़े हो जाएंगे। गृहमंत्री ने कहा, ङ्ककैसी हुकूमत है जिसमें लोग अपने आपको डरा हुआ महसूस करें। पाकिस्तान समझता है कि वह मजहब के आधार पर हमें बांट देगा, लेकिन ऐसा संभव नहीं है।ङ्क राजनाथ ने यह भी याद दिलाया कि पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ को पीएम मोदी ने शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया था। उन्होंने कहा, ङ्कपाकिस्तान के साथ दिल से दिल मिलाने के लिए बुलाया था। हमारे इस मंसूबे को पाकिस्तान को समझना चाहिए था, लेकिन पाकिस्तान नहीं समझा। इसके बाद पीएम मोदी प्रोटोकॉल तोड़ते हुए लाहौर भी गए, पर इसके बावजूद भी नापाक हरकतें हो रही हैं।ङ्ककेंद्रीय मंत्री ने पाकिस्तान को कायर बताते हुए कहा, ङ्कआतंकवाद के सहारे वे चाहते हैं कि जम्मू और कश्मीर को भारत से अलग कर देंगे? पाकिस्तान को इस हकीकत को समझना चाहिए कि आतंकवाद बहादुर लोगों का नहीं, कायरों का हथियार होता है।ङ्क

भारत और पाकिस्तान के बीच हुए युद्धों की याद दिलाते हुए सिंह ने कहा कि करगिल वॉर में भी पाक को शिकस्त झेलनी पड़ी, अब पाक समझ चुका है कि वह भारत तो सीधे पराजित नहीं कर सकता। उन्होंने पाक को चेताते हुए कहा, ङ्कअभी तो पाकिस्तान के दो टुकड़े हुए हैं, अगर पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आया तो शायद उसके १० टुकड़े हो जाएं।ङ्क पाकिस्तान को भारत का अंग बताते हुए गृहमंत्री ने कहा, ङ्ककभी न कभी पाक भी हमारे ही परिवार का अंग रहा है, आज भी हम उसे अलग नहीं मानते, उनके ऊपर हम गोली नहीं चलाना चाहते।ङ्क सिंह ने कहा कि भारत ने हर बार दोस्ती का हाथ बढ़ाया है, लेकिन पाकिस्तान हमला करने से बाज नहीं आता। उन्होंने कहा, ङ्ककरगिल वॉर के बाद भी अटल जी ने पाक की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाया था, लेकिन पाक ने उसके बदले क्या दिया? सीजफायर उल्लंघन।ङ्क