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गुवाहाटी, ०७ जून (हि.स.)। असम पब्लिक सर्विस कमिशन (एपीएससी) में कैस फार जॉब मामले की जांच जोरशोर से चल रही है।

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गुवाहाटी, ०७ जून (हि.स.)। असम की राजधानी गुवाहाटी के एबीसी इलाके में स्थित असम प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन के सामने महिला कांग्रेस कमेटी की सदस्याओं ने बुधवार को केंद्र और राज्य सरकार के विरूद्ध जमकर नारेबाजी की।

कार्र्बी आंग्लांग स्वायत्तशासी परिषद चुनाव में कांग्रेस ने तेज किया प्रचार

कार्बी आंग्लांग, ०७ जून (हि.स.)। असम प्रदेश कांग्रेस पार्टी ने भी कार्बी आंग्लांग स्वायत्तशासी परिषद चुनाव में अपने उम्मीदवारों के समर्थन में चुनाव प्रचार तेज किया है।

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नई दिल्ली (समा.एजें) १९ दिसंबर : कोहरे की मार के कारण टड्ढेनों के कैंसिल या लेट होने का सिलसिला लगातार चल रहा है, अब रेलवे ने एक साथ ७६ टड्ढेनों को रद्द कर दिया है.

मौसम की आंखमिचौली ने रेलवे को हक्का-बक्का कर दिया है, पहले रेल मंत्रालय ने तय किया था कि इस बार एक साथ टड्ढेनों को कोहरे के सीजन के लिए पहले से ही कैसिंल नहीं किया जाएगा लेकिन दिसंबर के पहले हफ्ते में ही कोहरे की मार ने रेलवे के प्लान को पटरी से उतारकर रख दिया. ऐसे में रेलवे ने ५४ टड्ढेनों को अब से लेकर १५ से १८ जनवरी तक पूरी तरह से कैंसिल करने का फैसला किया है. इसके अलावा २२ टड्ढेनों को सप्ताह के दौरान एक दिन नहीं चलाने का फैसला किया गया है. उत्तर रेलवे के सीपीआरओ के मुताबिक कोहरे की संभावना के बीच लोगों को परेशानी से बचाने के लिए रेलवे ने ये फैसला लिया है. गौरतलब है कि पहले नवंबर और उसके बाद दिसंबर के पहले पखवाड़े में कोहरे ने उत्तर भारत के तमाम इलाकों पर अपना असर डाला है, कोहरे के चलते रेलवे की २००० से ज्यादा रेलगाड़ियां ८ घंटे से लेकर ३० घंटे तक की देरी से चलानी पड़ीं. लेकिन कोहरे की मार सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं रही कोहरे की वजह से बहुत ज्यादा देरी के चलते २०० ज्यादा टड्ढेनों के फेरे रद्द करने पड़े. ऐसे में कोहरे की अनिश्चिता के चलते रेलवे को अपना प्लान बदलना पड़ा है.

रेलवे ने जिन टड्ढेनों को कोहरे की अनिश्चिता के चलते बंद करने का फैसला किया है उनमें से कुछ हैं बेगमपुरा एक्सप्रेस, ऊंचाहार एक्सप्रेस, लिच्छवी एक्सप्रेस, सियालदह एक्सप्रेस, लखनऊ डबल डेकर एक्सप्रेस, गोरखपुर वीकली एक्सप्रेस, जयपुर-चंडीगढ़ एक्सप्रेस और मऊ एक्सप्रेस. जिन टड्ढेनों को कैंसिल किया गया है उनमें से ३४ टड्ढेनें उत्तर रेलवे से संबंधित हैं, ये सभी टड्ढेनें अगले साल १५ जनवरी तक कैंसिल रहेंगी.रेलवे ने भले ही आवाजाही को सुचारू बनाने के लिए कई टड्ढेनों को एक साथ कैंसिल करने का फैसला लिया हो लेकिन मजेदार बात ये है कि जबसे रेलवे ने ये फैसला लिया है उत्तर-पश्चिम भारत में कोहरे की मार एकदम से कम हो चली है. मौसम विभाग की माने तो अगले एक हफ्ते तक हल्के कोहरे की ही ज्यादा संभावना है. ऐसे में एक बात साफ है कि भारतीय रेलवे ने देश के मौसम विभाग के साथ तालमेल नहीं बनाया है नहीं तो उनकी भविष्यवाणी का सही इस्तेमाल करके रेलवे लोगों को परेशानी से बचा सकती थी.