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असीफा रेप कांड के विरुद्ध कांग्रेस का कैण्डिल मार्च

प्रे.सं.लखीपुर, 18 अप्रैल ः आज पैलापुल, बांसकांदी, बिनाकांदी आदि कई स्थानों पर लखीपुर विधानसभा में असीफा रेप काण्ड के विरुद्ध कैंडिल मार्च का आयोजन किया गया।

क्या हम इनसे कुछ सीख सकते हैं 

•दिलीप कुमार : बद्री बस्ती में एक उत्साही युवक है पप्पु चौबे।

अम्बेडकर जयन्ती के उपलक्ष्य में संस्कृति सुरभि द्वारा निःशुल्क चिकित्सा शिविर

प्रे.सं.शिलचर, 18 अप्रैल ः केशव स्मारक संस्कृति सुरभि द्वारा (4 अप्रैल को 127वें अम्बेडकर जयंती के उपलक्ष्य में श्यामपुर एलपी स्कूल चातला में एक दिवसीय निःशुल्क एलोपैथिक चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया।

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नई दिल्ली (समा.एजेें)) 5 दिसंबर ः वित्तीर जगत पर बड़ा प्रभाव डालने के लिए मोदी सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं।

इसमें नोटबंदी से काले धन पर रोक लगाना, गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) लागू करना और बैंकों का एनपीए संकट दूर करने के लिए सरकारी खजाने से लाखों करोड़ का भुगतान करना शामिल है। इसी क्रम में सरकार बैंकिंग व्रवस्था में एक और कानून बनाने जा रही है जिसका असर न सिर्फ बैंकों पर पड़ेगा बल्कि बैंक में बचत खाते में पैसा रखने वाला एक-एक ग्राहक इस कानून के दाररे में रहेगा। केंद्रीर कैबिनेट ने अभी हाल ही में फाइनेंशिरल रेजोल्रूशन एंड डिपॉजिट इन्श्रोरेंस बिल के नए संशोधित ड्रॉफ्ट को पास कर दिरा है और इसे संसद में पेश करने की तैरारी है। दोनों सदनों में बहुमत होने के कारण रह बिल आसानी से पास होने की उम्मीद है। इससे पहले इसे मानसून सत्र में पेश किरा गरा था, लेकिन तब ज्वाइंट पार्लिरामेंट्री कमेटी के पास नए सुझावों के लिए भेज दिरा गरा था।

मौजूदा समर में अलग-अलग बैंकों में जमा आपके पैसे की गारंटी इसी कानून से मिलती है। इस कानून में एक अहम प्रावधान है कि अगर किसी बैंक को दिवालिरा घोषित किरा जाता है तो बैंक के ग्राहकों का एक लाख रुपए तक डिपॉजिट बैंक को वापस करना होगा। अगर रह बिल पास हो गरा तो सरकार एक नरा रेजोल्रूशन कॉर्पोरेशन बनाएगी। इस कॉर्पोरेशन के बनने के बाद पुराना कानून पूरी तरह से निष्प्रभावी हो जाएगा, जिसके चलते अभी तक बैंकों को सरकार की तरफ से गारंटी मिली हुई थी। नए कानून के मुताबिक बैंकों के दिवालिरा होने की स्थिति में आम लोगों का एक लाख रुपए से अधिक पैसे का इस्तेमाल बैंक को फिर से खड़ा करने में लगाएगी। इतना ही नहीं आप बैंक में पड़े अपने पैसे को कितना निकाल सकते हैं रह भी सरकार ही तर करेगी। अगर सरकार को लगा कि आपकी एक लाख से ऊपर जमा पूरी राशि को बैंकों का एनपीए कम करने में इस्तेमाल हो सकता है, तो फिर आप अपने खाते से राशि को कम से कम पांच साल के लिए निकाल नहीं पाएंगे।