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यात्रियों के लिए बुरी खबर, रेल किराए में हो सकती है ब‹ढोत्तरी

नई दिल्ली (समा.एजें) ११ जनवरी :. रेल से सफर करने वाले यात्रियों को अब ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं. रेल किराए में बढ़ौतरी हो सकती है.

बिरला-सहारा डायरी केस को सुप्रीम कोर्ट ने किया खारिज

नई दिल्ली (समा.एजें) ११ जनवरी : सुप्रीम कोर्ट ने सहारा-बिड़ला डायरी मामले में जांच कराने की मांग वाली एक याचिका को बुधवार को खारिज कर दिया।

धरमखाल सॅनराइजर्स क्लब ने किया सभा का आयोजन

संगीता माला, धरमखाल,१० जनवरीः आज धरमखाल सँनराइर्जस क्लब ने एक सभा का आयोजन किया इस सभा में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थी काछा‹ड की सांसद सुस्मिता देव एवं प्रेमराज ग्वाला इस सभा का संचालन विरेन्द्र धोवी ने किया।

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अपहरण गिरोह का सदस्य बिलाल पुलिस की गिरफ्त में, गोपनीय सूत्रों से प्राप्त सूचना पर पुलिस ने उसे गौहाटी एक दवा की दुकान से गिरफ्तार किया।

पांचग्राम पेपर मिल के एक कर्मचारी को अवैध हथियार के साथ पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापा मारकर गिरफ्तार किया। समाचार पत्रों में आए दिन इस प्रकार की खबरे फोटो सहित छपती रहती हैं। पुलिस की कार्य कुशलता के अनेक उदाहरण हैँ। इसलिए पुलिस को अयोग्य बोलना उचित नहीं है। किन्तु qलक रोड में बार-बार चोरी, हत्या की घटना घटित होना और अपराधियों का सुराग न मिलना, क्या बता रहा है?

qलक रोड एक नं. गली के ६४ नंबर भवन में एक निःसंतान वृद्ध दंपत्ति रहते थे। उन्होेंने सोचा कि घर बिक्री करके एक फ्लैट लेकर रहेंगे और बाकी पैसा जमा करके बुढापा गुजार देंगे। किन्तु ऐसा करने से पहले ही दोनों की हत्या हो गयी। पुलिस आज तक हत्यारों का पता नहीं लगा पायी। उनके ही एक सम्पर्कित उत्तराधिकारी ने उनकी बिल्डिंग पर कई साल बाद चुपके से कब्जा जमा लिया तो क्या वो खुनी नहीं है? पुलिस चाहे तो भवन पर कब्जा करने वाले को गिरफ्तार कर फिर से हत्याकांड‹ की जांच कर सकती है, किन्तु पुलिस मौन क्योें है? यह आश्चर्य की बात है। 

द्वितीय qलक रोड के १४ नंबर गली में मा और बेटे की हत्या हो गयी। अभी तक सुराग नहीं मिला? आखिर क्या बात है, पुलिस की भूमिका पर जनता में क्षोभ व्याप्त है। क्या पुलिस को कुछ नहीं पता? पुलिस को सब पता होता है। तो क्/या अपराधी और पुलिस में कोई साँठगाँठ है? qलक रोड में अक्सर चोरी की घटनाएं होती हैं। थो‹डी असावधानी होते ही, चोर हाथ साफ कर देती है। पुलिस आती है, औपचारिकता पूर्ण करके चली जाती है। चोर कभी पक‹डे नहीं जाते। यदि जनता पकडकर पुलिस को सौंपती है तो वे जमानत पर छूट जाते हैं।

कुछ ही दिन पहले शाम को एक महिला के गले से दो बाइक सवार सोने की चैन छीनकर भागे। महिला ने एक को जनता की मदद से पक‹ड लिया। उसे पुलिस को सौंप दिया पर क्या दूसरा पक़‹डाया। यदि हमारे एसपी विधायक को पीटने की बजाय, थाने की पुलिस की पिटाई करते तो हमें बहुत आनन्द आता। यदि इसीप्रकार हत्या, लुटपाट, चोरी ब‹ढती गयी तो qलक रोड वासी एक दिन एसपी आफिस का घेराव करने पर बाध्य होंगे। 

· मानिक पाल, द्वितीय qलक रोड, शिलचर