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जियो फोन बुकिंग: एसएमएस से ऐसे प्री बुक करें जिओ फोन

नईदिल्ली, (समा.एजें) १७ अगस्त : रिलायंस जियो का फ्री फोन सितंबर के पहले सप्ताह में आम लोगों के हाथ में होगा। इस फोन की बीटा टेस्टिंग १५ अगस्त से शुरू हो गई है। इस फोन को पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर दिया जाएगा।

सडक़ों पर नमाज नहीं रोक सकता, तो थानों में जन्माष्टमी क्यों रोकूं : योगी  

लखनऊ, (समा.एजें) १७ अगस्त : उत्तर प्रदेश के थानों में जन्माष्टमी उत्सव को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा बयान दिया है.

एनडीआरएफ का बचाव एवं राहत अभियान जारी

गुवाहाटी, १७ अगस्त (हि.स.)। असम में गत एक सप्ताह से लगातार हो रही बरसात के कारण राज्य के २५ जिले सर्वधिक प्रभावित है। एनडीआरएफ ने इस बार भी आपदा पर बचाव कार्यों के लिए खोजी दलों को पहले से तैयार रखा था।

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करीमगंज जिले के चाय बागानों मेेंं पुरुष एवं महिला श्रमिकों के साथ जानवरों जैसा आचरण किया जा रहा है। सवाल यह है कि क्या बागान के श्रमिक आदमी नहीं है?

बागान में काम करके अपना गुजारा करते हैं, इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें भे‹ड-बकरियों की तरह ट्ैक्टर में ठूँस कर जबरन ले जाया जाय। इस अमानवीय कृत्य की हम क‹डी qनदा करते हैं। पुरुष एवं महिला श्रमिकों को एक साथ एक पर एक लादकर ले जाना क्या मानवता के खिलाफ नहीं है? यह परंपरा पूरे असम में बंद होना चाहिए। शीघ्रताशीघ्र इसे बंद करना चाहिए। बागान श्रमिकों को सही सम्मान देना होगा, अन्यथा विशाल आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। ट्रैक्टर में ठूँस कर श्रमिकों को ले जाना गैरकानूनी है। कोई भी चाय बागान के श्रमिक को चाहे वह बागान में काम करे या निर्माण का काम करे, स्त्री-पुरुषों को सम्मान के साथ बस में ले जाना चाहिए। ब्रिटिशों ने इन श्रमिकों को असम में लाने के लिए रेलपथ बनवाया था और ट्रेन से बराकघाटी में लाते थे। ब्रिटिश जमाने में श्रमिकों के लिए जो सुविधाएँ थी, जो सम्मान था, वो आजादी के ६८ साल बाद भी बराक सहित असम में रहने वाले श्रमिकों को नहीं मिल रहा है। इसके विपरीत उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया जाता है।  - सुरज कुमार कानु, शिबेरगुल, बाजारीछो‹डा, करीमगंज