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एपीएससी कार्यालय में पुलिस ने फिर चलाया अभियान, १४० कॉपियां जब्त

गुवाहाटी, ०७ जून (हि.स.)। असम पब्लिक सर्विस कमिशन (एपीएससी) में कैस फार जॉब मामले की जांच जोरशोर से चल रही है।

प्रदेश महिला कांग्रेस ने महिला सुरक्षा को लेकर किया प्रदर्शन

गुवाहाटी, ०७ जून (हि.स.)। असम की राजधानी गुवाहाटी के एबीसी इलाके में स्थित असम प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन के सामने महिला कांग्रेस कमेटी की सदस्याओं ने बुधवार को केंद्र और राज्य सरकार के विरूद्ध जमकर नारेबाजी की।

कार्र्बी आंग्लांग स्वायत्तशासी परिषद चुनाव में कांग्रेस ने तेज किया प्रचार

कार्बी आंग्लांग, ०७ जून (हि.स.)। असम प्रदेश कांग्रेस पार्टी ने भी कार्बी आंग्लांग स्वायत्तशासी परिषद चुनाव में अपने उम्मीदवारों के समर्थन में चुनाव प्रचार तेज किया है।

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करीमगंज जिले के चाय बागानों मेेंं पुरुष एवं महिला श्रमिकों के साथ जानवरों जैसा आचरण किया जा रहा है। सवाल यह है कि क्या बागान के श्रमिक आदमी नहीं है?

बागान में काम करके अपना गुजारा करते हैं, इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें भे‹ड-बकरियों की तरह ट्ैक्टर में ठूँस कर जबरन ले जाया जाय। इस अमानवीय कृत्य की हम क‹डी qनदा करते हैं। पुरुष एवं महिला श्रमिकों को एक साथ एक पर एक लादकर ले जाना क्या मानवता के खिलाफ नहीं है? यह परंपरा पूरे असम में बंद होना चाहिए। शीघ्रताशीघ्र इसे बंद करना चाहिए। बागान श्रमिकों को सही सम्मान देना होगा, अन्यथा विशाल आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। ट्रैक्टर में ठूँस कर श्रमिकों को ले जाना गैरकानूनी है। कोई भी चाय बागान के श्रमिक को चाहे वह बागान में काम करे या निर्माण का काम करे, स्त्री-पुरुषों को सम्मान के साथ बस में ले जाना चाहिए। ब्रिटिशों ने इन श्रमिकों को असम में लाने के लिए रेलपथ बनवाया था और ट्रेन से बराकघाटी में लाते थे। ब्रिटिश जमाने में श्रमिकों के लिए जो सुविधाएँ थी, जो सम्मान था, वो आजादी के ६८ साल बाद भी बराक सहित असम में रहने वाले श्रमिकों को नहीं मिल रहा है। इसके विपरीत उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया जाता है।  - सुरज कुमार कानु, शिबेरगुल, बाजारीछो‹डा, करीमगंज