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कुमार मनोज, लाला, २४ जुलाई : भारतीय चा मजदूर संघ की लाला में आयोजित एक बैठक में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि बराकघाटी के चाय श्रमिकों के साथ आजादी के बाद से ही भेदभाव हो रहा है।

रामव्रत नुनिया की अध्यक्षता में दक्षिण हाइलाकान्दी के चाय बागान प्रतिनिधियों की बैठक को संबोधित करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता दिलीप कुमार ने कहा कि शोषण की समाप्ति के लिए सभी चाय बागानों में भारतीय चा मजदूर संघ की इकाई गठन करना अति आवश्यक है। सभा में बोलते हुए मजदूर संघ के उपाध्यक्ष हरिनारायण वर्मा ने कहा कि हैलाकान्दी से आतंक के राज का अंत हो चुका है, अब किसी से डरने की जरुरत नहीं है। मजदूर संघ श्रमिकोें को उनका अधिकार दिलाने के लिए तत्पर है। मजदूर संघ के केन्द्रीय अध्यक्ष घनश्याम पाण्डेय ने कहा कि चाय बागानों की वर्तमान स्थिति का पूरा तथ्य संकलित करना है और उसके आधार पर जहाँ जैसी आवश्यकता है, मजदूर संघ काम करेगा। रामकुमार नुनिया ने कहा कि चाय बागान के श्रमिक सरकारी सुविधाओं से वंचित हैं, उन्हें जमीन का भी अधिकार नहीं मिला है। युवा नेता चौधरी चरण गो‹ड ने कहा कि समस्याएँ तो बहुत हैं, किन्तु मुख्य बात है कि बराकघाटी के चाय श्रमिकों के साथ अपर असम में भेदभाव किया जाता है। इसका समाधान करना होगा। श्रीमती गंगा कानु ने कहा कि कालाछो‹डा चाय बागान में श्रमिकों का शोषण हो रहा है। उन्हें न्याय दिलाना होगा। लालाछो‹डा चाय बागान के युवा श्रमिक नेता राजेश qसह ने कहा कि दोष केवल कंपनी का नहीं हम सबका भी है। हमारी कमजोरी के चलते ही हमारा शोषण हो रहा है, सही पंचायत गठन होने से मालिक-मजदूर मिलकर बागान की उन्नति हो सकती है।
    सभा में एक संयोजक मंडल का गठन किया गया, मुख्य संयोजक प्रसाद शुक्लवैद्य, सहमुख्य संयोजक राजेश qसह, संयोजकगण qटकु हजाम, कृपेश देव, दिनानाथ पाण्डेय, सुजीत ग्वाला, रंजीत बनर्जी, श्रीमती गंगा कानु, शालीग्राम नुनिया व अभिमन्यु नुनिया शामिल हैं। संजोयक मंडल में केन्द्रीय समिति की तरफ से घनश्याम पाण्डेय, राजकिशोर qसह, चौधरी चरण गो‹ड, रामकुमार नुनिया, किरण तेली, रामव्रत नुनिया व दीवाकर रजवा‹ड संयोजक मंडल के सदस्य रहेंगे। भारतीय चा मजदूर संघ की आगामी बैठक ३१ जुलाई को हैलाकान्दी में निर्धारित की गयी है। सभा में नौ चाय बागानों से ५० से ज्यादा प्रतिनिधि उपस्थित थे, जिसमें आठ महिलाएँ शामिल थीं।