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इलाहाबाद (एजें) १० जनवरी :.फेक करेंसी (जाली मुद्रा) को प्रचलन से बाहर करने के लिए देश में १००० और ५०० रुपए के नोट पर पाबंदी लगाई गई, लेकिन इससे पहले ही कई बैंक नकली नोट का ङ्कखेलङ्क कर चुके थे।

बैंकों की इस कारस्तानी का पर्दाफाश भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने किया है। आरबरआई ने ४ बैंक के मैनजरों के खिलाफ थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई है। एफआईआर होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मामला बैंक से जुड़ा होने के कारण इसकी जांच खुफिया एजेंसी भी कर रही हैं, जिसके रडार पर कई बैंक अधिकारी और कर्मचारी आ गए हैं। १००० और ५०० रुपए ही नहीं, १०० रुपए के नकली नोट का भी हुआ खेल...

बताया जा रहा है कि बैंकों में १००० और ५०० रुपए ही नहीं, बल्कि १०० रुपए के नकली नोट का भी खेल हुआ।

-पुलिस का मानना है कि बैंक में कई स्तर पर और तकनीकी तौर पर भी नोटों की जांच होती है, जिससे असली और नकली का पता चलता है। लेकिन सच्चाई का पता आरबीआई से लगना बैंक कर्मियों और अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाता है। ऐसे में बैंकों के भीतर नकली नोट का खेल अभी भी न हो रहा हो। इससे इनकार नहीं किया जा सकता है। फिलहाल जाली मुद्रा के जरिए भारतीय अर्थव्यस्था को चोट पहुंचाने वाले लोगों के बारे में पुलिस गहराई से पड़ताल कर रही है। जांच रिपोर्ट चौंकाने वाली भी आ सकती है। आरबीआई के निर्देश पर पुलिस ने अब तक शहर के ४ बैंक मैनेजरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। खास बात ये है कि बैंक की विश्वसनीयता को लेकर आम नागरिकों के मन में सवाल भी उठने लगे हैं। नकली नोट के खेल में इलाहाबाद स्?थित मुट्ठीगंज शाखा सेंटड्ढल बैंक, खुल्दाबाद के बैंक ऑफ बड़ौदा, सिविल लाइंस स्?थित इलाहाबद बैंक और कटरा के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ संबंधित थाने में केस दर्ज कराया गया है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के खिलाफ ८ जनवरी २०१७ को कर्नलगंज थाने में आईपीसी की धारा ४८९ए और ४८९ई के तहत दो केस दर्ज कराए गए हैं। आरोप है कि जून २०१६ में एक हजार, ५०० और १०० रुपए की नकली मुद्रा आरबीआई में जमा की गई। सभी बैंक प्रबंधक के विरुद्ध एफआईआर आरबीआई कानपुर के अधिकारियों की ओर से कराई गई है।

एसएसपी शलभ माथुर ने बताया कि आरबीआई में नकली नोट जमा करने के मामले में बैंक प्रबंधकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। सभी की जांच कराई जा रही है। दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई होगी। डीसी आफिस कार्यालय, भाजपा कार्यालय तथा सर्किट हाउस में भी शिक्षामंत्री ने लोगों से मुलाकात की।